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शिक्षा को केवल डिग्री तक सीमित नहीं रखा जा सकता : उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन

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कोच्चि, 31 अगस्त (आईएएनएस)। उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन सोमवार को कोच्चि में राजगिरी स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के रजत जयंती समारोह में शामिल हुए और ‘कॉनफ्लुएंस 3.0’ का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने शोध आधारित उच्च शिक्षा और उद्योग-शिक्षा के बीच मजबूत संबंध का आह्वान किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि केरल को रोजगार सृजन और लोगों को अपने मूल क्षेत्रों में वापस लौटने के लिए सक्षम बनाने के उद्देश्य से उच्च-प्रौद्योगिकी वाले उद्योगों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। उन्होंने कहा, “हम रोजगार के अनुरूप लोग तैयार नहीं कर पा रहे हैं, हमें बाजार की मांग समझनी होगी।”

केरल की साक्षरता, सामाजिक विकास और मानव पूंजी के क्षेत्र में उपलब्धियों को उजागर करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि राजगिरी ने न केवल तकनीकी विशेषज्ञ तैयार करने में योगदान दिया है, बल्कि सार्वजनिक सेवाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले लोग तैयार करने में भी अहम भूमिका निभाई है।

उन्होंने संस्था के 25 वर्ष पूरे होने पर बधाई दी और मूल्यों को तकनीकी उत्कृष्टता के साथ जोड़ने की उसकी प्रतिबद्धता की सराहना की।

कार्मेलाइट्स ऑफ मेरी इमैक्युलेट के योगदान और संत कुरियाकोस एलियास चावरा की विरासत को याद करते हुए उन्होंने शिक्षा के लोकतंत्रीकरण, महिला शिक्षा और वयस्क साक्षरता को बढ़ावा देने के उनके प्रयासों की चर्चा की।

प्रौद्योगिकी-आधारित दुनिया की बदलती मांगों पर जोर देते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि शिक्षा को केवल डिग्री तक सीमित नहीं रखा जा सकता। उन्होंने अनुसंधान, नवाचार और समस्या-समाधान पर अधिक जोर देने का आह्वान किया। कॉनफ्लुएंस 3.0 की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि भारत को प्रौद्योगिकी और स्टार्ट-अप के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने के लिए उद्योग और अकादमिक जगत के बीच मजबूत साझेदारी आवश्यक है।

उन्होंने चीन में बदलाव का उल्लेख करते हुए कहा कि उसकी प्रगति उच्च शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार में निरंतर निवेश के महत्व को दर्शाती है। उन्होंने केरल से अनुसंधान-उन्मुख उच्च शिक्षा को मजबूत करने का आग्रह किया।

उपराष्ट्रपति ने युवाओं से ‘मादक पदार्थों को ना कहें’ का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि क्षणिक सुख महान आशाओं और लक्ष्यों को नष्ट कर सकते हैं। छात्रों से अपनी क्षमताओं का उपयोग समाज और मानवता के कल्याण के लिए करने का आग्रह किया।

इस अवसर पर उपराष्ट्रपति ने राजगिरी स्कूल के प्रशासनिक भवन की आधारशिला भी रखी। कार्यक्रम में केरल के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर, मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।