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मजबूत अल-नीनो स्थितियों के बीच सितंबर में पूरे देश में सामान्य से कम बारिश: आईएमडी

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नई दिल्ली, 31 अगस्त (आईएएनएस)। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने सोमवार को सितंबर महीने के लिए अपने मौसम पूर्वानुमान में देश भर में सामान्य से कम बारिश और ज्यादातर इलाकों में सामान्य से ज्यादा तापमान रहने का अनुमान जताया है।

अनुमान के मुताबिक, सितंबर में मासिक बारिश सामान्य से कम होने की सबसे ज्यादा संभावना है। सामान्य से कम बारिश का मतलब है ‘लॉन्ग पीरियड एवरेज’ (एलपीए) के 91 प्रतिशत से कम बारिश।

1971-2020 के डेटा के आधार पर सितंबर की बारिश के लिए एलपीए लगभग 167.9 मिमी है। इलाकों के हिसाब से देखें तो देश के कई हिस्सों में सामान्य से कम बारिश होने की उम्मीद है।

हालांकि, उत्तर-पश्चिम, उत्तर-पूर्व, पूर्व, पूर्व-मध्य और दक्षिण-पूर्व प्रायद्वीपीय भारत के कुछ इलाकों में सामान्य या सामान्य से ज्यादा बारिश हो सकती है।

बारिश की श्रेणियों (सामान्य से ज्यादा, सामान्य और सामान्य से कम) के संभावना-आधारित अनुमान से पता चलता है कि बड़े पैमाने पर सामान्य से कम बारिश होगी।

तापमान की बात करें तो देश के ज्यादातर हिस्सों में मासिक औसत अधिकतम तापमान सामान्य से ज्यादातर रहने की संभावना है। मासिक औसत न्यूनतम तापमान भी ज्यादातर इलाकों में सामान्य से ज्यादा रहने की उम्मीद है, सिवाय उत्तर-पश्चिम, पश्चिम-मध्य और उत्तर-पूर्व भारत के कुछ हिस्सों के, जहां तापमान सामान्य या सामान्य से कम रहने की संभावना है।

आईएमडी की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, अभी भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में मजबूत अल-नीनो की स्थिति बनी हुई है, और मध्य व पूर्वी भूमध्यरेखीय प्रशांत क्षेत्र में समुद्र की सतह का तापमान सामान्य से ज्यादा है।

आने वाले महीनों में इन स्थितियों के और मजबूत होने की उम्मीद है। अभी हिंद महासागर में न्यूट्रल इंडियन ओशन डाइपोल (आईओडी) की स्थिति बनी हुई है। आईएमडी के मानसून मिशन कपल्ड फोरकास्ट सिस्टम (एमएमसीएफएस) के अनुमान बताते हैं कि सितंबर तक न्यूट्रल आईओडी की स्थिति बनी रहने की संभावना है।

हालांकि, कुछ अंतरराष्ट्रीय जलवायु केंद्र संकेत दे रहे हैं कि सितंबर से पॉजिटिव आईओडी की स्थिति बन सकती है।

सामान्य से कम बारिश का खेती, जल संसाधनों, पनबिजली उत्पादन, इकोसिस्टम की स्थिरता और पीने के पानी की उपलब्धता पर बुरा असर पड़ सकता है, साथ ही कई इलाकों में गर्मी से होने वाली परेशानी (हीट स्ट्रेस) का खतरा भी बढ़ सकता है।

आईएमडी ने संबंधित एजेंसियों और हितधारकों को समय रहते तैयारी करने की सलाह दी है, जिसमें जल संरक्षण, संसाधनों का सही प्रबंधन और खेती से जुड़ी आपातकालीन योजना बनाना शामिल है।

आईएमडी सितंबर के आखिर में उत्तर-पूर्वी मानसून सीजन (अक्टूबर से दिसंबर 2026) के लिए अनुमान और अक्टूबर के लिए बारिश व तापमान का आउटलुक जारी करेगा।