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गुजरात सरकार का बड़ा फैसला, निजी स्कूल-कॉलेजों के एनएससी कैडेट्स को भी मिलेगी राष्ट्रीय शिविरों के लिए वित्तीय सहायता

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गांधीनगर, 1 सितंबर (आईएएनएस)। गुजरात सरकार ने राष्ट्रीय स्तर के एनसीसी शिविरों के लिए निजी स्कूलों और कॉलेजों के कैडेट्स को भी वित्तीय सहायता देने का फैसला किया है। इससे पहले इन कैडेट्स को शिविर से जुड़े खर्च स्वयं वहन करने पड़ते थे, लेकिन अब यह असमानता समाप्त हो जाएगी।

मंगलवार को घोषणा की गई कि राष्ट्रीय स्तर के शिविरों के लिए चयनित निजी स्कूलों और कॉलेजों के एनसीसी कैडेटों को सरकारी संस्थानों के कैडेटों के समान आधार पर भत्ता दिया जाएगा।

राज्य सरकार 100 प्रतिशत खर्च वहन करेगी, जिसमें केंद्र सरकार द्वारा समय-समय पर निर्धारित दरों पर भत्ते दिए जाएंगे।

अधिकारियों ने बताया, “यह निर्णय मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में शिक्षा मंत्री प्रद्युमन वाजा और शिक्षा राज्य मंत्री त्रिकम छांगा की बैठक में लिया गया है। शिक्षा विभाग ने निजी संस्थानों के पात्र कैडेटों को सहायता प्रदान करने का प्रस्ताव जारी किया है।”

इस निर्णय के दायरे में आने वाले शिविरों में गणतंत्र दिवस दल (आरडीसी), थल सैनिक शिविर (टीएससी), युवा विनिमय कार्यक्रम (वाईईपी), वायु सैनिक शिविर (वीएससी), नौसेना सैनिक शिविर (एनएससी) और राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम (एनएलई) शामिल हैं।

इन राष्ट्रीय स्तर के अवसरों के लिए चयन प्रक्रिया प्रतिस्पर्धी होती है, जिसमें कैडेटों को आमतौर पर चयन प्रक्रिया के दौरान लगभग चार से पांच प्रतिस्पर्धी शिविरों में भाग लेना होता है।

अब तक गुजरात के सरकारी स्कूलों और कॉलेजों के एनसीसी कैडेटों को लागू केंद्रीय सरकारी मानदंडों के अनुसार शिविर भत्ता मिलता था, जबकि निजी संस्थानों के कैडेटों को राज्य या केंद्र से इसी तरह की वित्तीय सहायता नहीं मिलती थी।

परिणामस्वरूप, खर्चों का वहन कैडेटों को स्वयं या उनके संस्थानों को करना पड़ा।

सरकार ने कहा कि वित्तीय बाधाओं के कारण निजी संस्थानों के होनहार कैडेट राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने की क्षमता रखने के बावजूद चयन प्रक्रिया और उसके बाद के राष्ट्रीय स्तर के शिविरों में भाग लेने से हतोत्साहित हो सकते हैं। नई व्यवस्था के तहत राज्य सरकार निजी संस्थानों के कैडेटों के लिए पात्र संपूर्ण व्यय वहन करेगी।

प्रस्ताव के अनुसार, इसमें भोजन, यात्रा, उत्पादन, आकस्मिक खर्च और पेट्रोल, तेल और स्नेहक (पीओएल) शुल्क से संबंधित खर्च शामिल हैं।

इस कदम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कैडेट का संस्थान राष्ट्रीय स्तर के एनसीसी अवसरों को प्राप्त करने की उनकी क्षमता का निर्धारण न करे। इन शिविरों के लिए चयन कैडेट की वित्तीय क्षमता के बजाय उनके प्रदर्शन, प्रतिभा, मेहनत और योग्यता पर निर्भर करेगा। एनसीसी प्रशिक्षण का उद्देश्य युवाओं में अनुशासन, नेतृत्व, जिम्मेदारी और राष्ट्रीय सेवा की भावना विकसित करना है।

सरकार को उम्मीद है कि इस वित्तीय सहायता से निजी स्कूलों और कॉलेजों के अधिक योग्य कैडेट राष्ट्रीय स्तर की गतिविधियों में भाग ले सकेंगे और सरकारी संस्थानों के अपने समकक्षों के साथ प्रतिस्पर्धा कर सकेंगे।