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आदिवासी कल्याण घोटाले को लेकर कर्नाटक भाजपा ने ‘बेल्लारी चलो’ मार्च का किया ऐलान

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बेंगलुरु, 1 सितंबर (आईएएनएस)। कर्नाटक भाजपा आदिवासी कल्याण घोटाले और राज्य सरकार की नाकामियों को लेकर मंगलवार से 10 दिन की 175 किलोमीटर लंबी ‘बेल्लारी चलो’ पदयात्रा शुरू करने जा रही है।

यह मार्च रायचूर जिले के लिंगसगूर से शुरू होकर बेल्लारी तक जाएगा। इस विरोध मार्च का नेतृत्व प्रदेश अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र और विपक्ष के नेता आर. अशोक और आर. नारायणस्वामी जैसे प्रमुख भाजपा नेता करेंगे। केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी और पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा भी उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल होंगे।

मार्च का उद्घाटन लिंगसगूर में बेंगलुरु बाईपास रोड के पास होगा। उद्घाटन और एक जनसभा के बाद भाजपा नेता और कार्यकर्ता पहले दिन 12 किलोमीटर की पदयात्रा करेंगे।

मार्च शुरू करने से पहले भाजपा नेता गुरुगुंटा अमरेश्वर मंदिर में दर्शन करेंगे। इसके बाद सभी नेता रात में संतेकल्लूरु घाना मतेश्वर मठ में रुकेंगे।

भाजपा ने इस विरोध प्रदर्शन के दौरान रास्ते में रोज दो जनसभाएं करने की योजना बनाई है। यह मार्च उत्तर कर्नाटक क्षेत्र के रायचूर, कोप्पल और बेल्लारी जिलों की नौ विधानसभा क्षेत्रों से होकर गुजरेगा।

रूट की बात करें तो यह लिंगसगूर, मास्की और सिंधनूर से होते हुए रायचूर जिले से निकलेगा, फिर कोप्पल जिले के करातगी और गंगावती से गुजरेगा। बेल्लारी जिले में यह मार्च कुदातिनी और कम्पली से होते हुए अंतिम पड़ाव बेल्लारी शहर पहुंचेगा। मार्च के बेल्लारी पहुंचने के बाद 10 सितंबर को वहां समापन समारोह का आयोजन किया जाएगा।

भाजपा ने कहा है कि इस मार्च का मुख्य मकसद आदिवासी कल्याण विभाग में कथित अनियमितताओं को उजागर करना और कांग्रेस से जवाबदेही की मांग करना है। पार्टी इस विरोध प्रदर्शन के जरिए राज्य सरकार की समग्र विफलता से जुड़े मुद्दों को भी उठा रही है।

वरिष्ठ भाजपा नेता और विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने कहा, “हमने विधानसभा में कांग्रेस के भ्रष्टाचार का जिक्र किया है, भ्रष्टाचार में शामिल लोगों के अहंकार को चुनौती दी है और दलितों के लिए बने फंड की कथित लूट में दागी लोगों का इस्तीफा सुनिश्चित कराया है।”

उन्होंने अपील करते हुए कहा, “अब आइए सरकार की विफलताओं की पूरी श्रृंखला के खिलाफ ‘बेल्लारी चलो’ विरोध मार्च के लिए सड़कों पर उतरें।”

उन्होंने कहा, “आइए एक ऐसी सरकार के खिलाफ एकजुट हों जो किसानों की कठिनाइयों का जवाब देने में विफल रही है और भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रही है। हमारी लड़ाई तब तक जारी रहेगी जब तक कर्नाटक और कन्नड़ लोगों को जन-केंद्रित और विकास-उन्मुख सरकार नहीं मिल जाती।”

बता दें कि कर्नाटक महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम घोटाले को लेकर भाजपा का कांग्रेस सरकार के खिलाफ लगातार अभियान चल रहा है, उसी कड़ी में यह ‘बेल्लारी चलो’ मार्च निकाला जा रहा है।