नई दिल्ली, 2 सितंबर (आईएएनएस)। पाकिस्तान के पूर्व बल्लेबाज मोहम्मद यूसुफ ने पाकिस्तान क्रिकेट में हालिया उथल-पुथल पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि इंग्लैंड के खिलाफ जारी टेस्ट दौरे के दौरान किए गए बड़े बदलाव, सिर्फ खराब प्रदर्शन की वजह से नहीं, बल्कि अंदरूनी कलह और मतभेदों के उस पुराने चक्र का हिस्सा हैं जो अक्सर देखने को मिलता है।
इंग्लैंड के खिलाफ तीन मैचों की टेस्ट सीरीज में टीम के 0-2 से पिछड़ने के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने बड़ा बदलाव किया और तीसरे टेस्ट से पहले सात खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ के दो सदस्यों को घर वापस भेज दिया है। इन घटनाक्रमों पर प्रतिक्रिया देते हुए यूसुफ ने कहा कि खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ को वापस बुलाने के फैसले में प्रदर्शन के अलावा भी कई बातें शामिल लगती हैं। उन्होंने उस अस्थिरता का भी जिक्र किया जिसने वर्षों से पाकिस्तान क्रिकेट को प्रभावित किया है।
यूसुफ ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “अधिकारियों का खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ को चल रहे दौरे से वापस बुलाने का हालिया फैसला महज प्रदर्शन से जुड़ा नहीं लगता। आखिरकार, हम जहीर अब्बास, जावेद मियांदाद, इंजमाम-उल-हक या सईद अनवर जैसे दिग्गजों को तो रिप्लेसमेंट के तौर पर नहीं भेज रहे हैं। इसके बजाय, यह कदम अंदरूनी कलह, मतभेदों और विवादों के उस जाने-पहचाने चक्र को दिखाता है जिसने लंबे समय से पाकिस्तान क्रिकेट को परेशान किया है।”
पाकिस्तान के लिए 90 टेस्ट मैच खेलने वाले यूसुफ ने कहा कि 1992 वर्ल्ड कप में टीम की ऐतिहासिक जीत के बाद से ही यह अस्थिरता बार-बार सामने आती रही है। उन्होंने कहा, “1992 वर्ल्ड कप की शानदार जीत के बाद से ही ऐसी उथल-पुथल बार-बार देखने को मिली है, जिससे स्थिरता खत्म हुई है और ध्यान खेल से हटकर दूसरी चीजों पर गया है।”
उनके ये कमेंट्स पीसीबी द्वारा टेस्ट स्क्वाड से मोहम्मद रिजवान, इमाम-उल-हक, सलमान अली आगा, अली उस्मान, आमिर जमाल, मुहम्मद ओवैस जफर और खुर्रम शहजाद को रिलीज करने के बाद आए हैं। लॉर्ड्स में इंग्लैंड के हाथों दूसरे टेस्ट मैच में पाकिस्तान को 194 रनों से हार का सामना करना पड़ा था। इससे पहले हेडिंग्ले में खेले गए पहले टेस्ट में भी पाकिस्तान को एक पारी और 103 रनों से हार मिली थी। बोर्ड ने रेड-बॉल हेड कोच सरफराज अहमद और बॉलिंग कोच उमर गुल को भी हटा दिया है, और व्हाइट-बॉल हेड कोच माइक हेसन और एशले नोफके बाकी दौरे के लिए बैक-रूम की जिम्मेदारियां संभालेंगे।
यूसुफ ने कहा कि पाकिस्तान ने बार-बार ऐसी घटनाएं देखी हैं और चेतावनी दी कि मैदान के बाहर लगातार चल रही उथल-पुथल टीम की तरक्की और समर्थकों के भरोसे को और कम कर सकती है। उन्होंने लिखा, “हमने पहले भी कई बार अलग-अलग रूपों में ऐसी उथल-पुथल का सामना किया है, और हर घटना ने टीम की तरक्की और फैंस के भरोसे पर निशान छोड़े हैं।”
यूसुफ ने अपनी बात खत्म करते हुए कहा, “सबक साफ है। सिर्फ शानदार प्रदर्शन और लगातार अच्छे नतीजे ही शोर को शांत कर सकते हैं। अगर पाकिस्तान क्रिकेट को अपनी साख वापस पानी है और फैंस का भरोसा जीतना है, तो उसे बोर्डरूम के बजाय मैदान पर ध्यान देना होगा। सफलता ही सबसे असरदार इलाज है।”
इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे टेस्ट के लिए पाकिस्तान की टीम: बाबर आजम (कप्तान), अब्दुल्ला फजल, अब्दुल्ला शफीक, अराफात मिन्हास, अजान ओवैस, मोहम्मद अब्बास, मोहम्मद अली, मुहम्मद इमरान, मोहम्मद इमरान जूनियर, मुहम्मद गाजी गोरी, रजाउल्लाह, साद बेग, सैम अयूब, साजिद खान, सऊद शकील, शान मसूद और उबैद शाह।
