न्यूयॉर्क, 3 सितंबर (आईएएनएस)। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने न्यूयॉर्क में एक हाई-लेवल बिजनेस राउंड टेबल में निवेशकों के सामने भारत की सुधार-आधारित ग्रोथ का जिक्र किया। उन्होंने 2026-27 की पहली तिमाही में भारत की 7.8 फीसदी आर्थिक वृद्धि और बेहतर निवेश माहौल को रेखांकित किया।
वित्त मंत्रालय ने गुरुवार को ‘एक्स’ पर इसकी जानकारी दी। भारत के महावाणिज्य दूतावास द्वारा बैंक ऑफ अमेरिका के सहयोग से आयोजित राउंडटेबल को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि वैश्विक व्यवधानों और चुनौतियों के बावजूद भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना हुआ है।
उन्होंने दिवाला और दिवालियापन संहिता (आईबीसी) सहित कई सुधारों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में इन उपायों ने अधिक नियामक निश्चितता प्रदान की है, अनुपालन को आसान बनाया है और कागजी कार्रवाई को कम किया है।
वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार ने पूंजीगत संपत्तियों के निर्माण और बुनियादी ढांचे के विकास, विशेष रूप से विमानन क्षेत्र में, उद्योग को समर्थन देने पर ध्यान केंद्रित किया है, साथ ही अनुकूल निवेश माहौल भी बनाया है।
उन्होंने बताया कि अन्य फोकस क्षेत्रों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा सेंटर को बढ़ावा देना, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर को सपोर्ट करना, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के लिए क्रेडिट उपलब्धता सुनिश्चित करना और बैंकों के नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स को कम करना शामिल है।
निर्मला सीतारमण के अनुसार, इन उपायों ने बैंकों और उद्योग के विकास और मजबूती से उभरने के लिए अधिक अनुकूल कारोबारी माहौल बनाने में मदद की है।
वित्त मंत्री ने कोविड-19 महामारी की शुरुआत के बाद से वैश्विक अर्थव्यवस्था के सामने लगातार चुनौतियों के बावजूद राजकोषीय विवेक और अनुशासन के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को भी दोहराया।
उन्होंने कहा कि निवेश के माहौल में काफी सुधार हुआ है, केंद्र और राज्य दोनों सरकारें निवेश को आकर्षित करने और सुविधाजनक बनाने में अधिक उत्सुकता और प्रतिस्पर्धा दिखा रही हैं। ऐसे प्रयास विकसित भारत 2047 के विजन को हासिल करने के भारत के व्यापक प्रयास का हिस्सा हैं।
इस बीच, अपने स्वागत भाषण में अमेरिका में भारतीय राजदूत विनय क्वात्रा ने कहा कि भारत की पहली तिमाही में 7.8 प्रतिशत की वृद्धि भारतीय अर्थव्यवस्था के लचीलेपन को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश संबंधों को मजबूत करके भारत की तेजी से बढ़ती आर्थिक गति से लाभ उठा सकते हैं।
