देवरिया, 3 सितंबर (आईएएनएस)। एयर मार्शल (रिटायर्ड) जितेंद्र मिश्रा के परिवार ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले सीईओ के तौर पर उनकी नियुक्ति का बचाव किया। उन्होंने मिश्रा को ईमानदार और अनुशासित अधिकारी बताया और विरोध करने वालों के सवालों को बेबुनियाद करार दिया।
विपक्षी दलों के विरोध को लेकर जितेंद्र मिश्रा के चाचा ने बताया कि विपक्ष का काम विरोध करना है। जितेंद्र मिश्रा भारतीय वायुसेना में 42 साल तक रहे हैं। वह कोई राजनीतिक व्यक्ति नहीं हैं। उनको ईमानदार और अनुशासित रहने के कारण ही यह पद मिला है। किसी प्रकार के विरोध से हमें कोई मतलब नहीं है। वैसे भी विपक्ष मुद्दा विहीन है। उसके पास देशहित की कोई बात नहीं है।
अन्य एक परिजन ने कहा कि देश और मातृभूमि की सेवा करने वाले व्यक्ति पर विश्वास जीतने के बाद जितेंद्र को मंदिर का सीईओ बनाया गया है। विपक्ष हो या कोई और अंगुली नहीं उठानी चाहिए। उनके पिछले कार्यकाल को देखना चाहिए।
ग्रामीण ने बताया कि जितेंद्र गांव में पले-बढ़े होनहार हैं। उनका और उनके किसी सगे संबंधी का किसी प्रकार से कोई राजनीतिक इतिहास नहीं है। विपक्ष का काम अच्छे काम का विरोध करना है। खासकर जितेंद्र मिश्रा के ब्राह्मण होने की वजह से उन्हें टारगेट किया जा रहा है। विपक्ष को सेना में रहते हुए जितेंद्र मिश्रा के साहसिक काम नहीं दिखाई दे रहा है।
जितेंद्र के चचेरे भाई ने कहा कि विपक्ष बेवजह प्रोपेगैंडा मचा रहा है। उनके परिवार का योगदान शिक्षा और समाजसेवा ही रहा है। वह बहुत ईमानदार और अनुशासन प्रिय रहे हैं। हमें पूरी उम्मीद है कि वह सीईओ के पद पर रहते हुए उचित निवर्हन करेंगे।
एक अन्य ग्रामीण ने कहा कि यह हमारे गांव और जिले के लिए गर्व की बात है कि यहां की मिट्टी में पले-बढ़े नौजवान ने अपनी अलग पहचान बना ली है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान जितेंद्र मिश्रा की अहम भूमिका रही है। अब वह राम मंदिर में सीईओ के पद की शोभा बढ़ाएंगे।
