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पंजाब : 10 लाख तक कैशलेस इलाज वाली योजना में डिजिटल हेल्थ कार्ड की सुविधा शुरू

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चंडीगढ़, 4 सितंबर (आईएएनएस)। पंजाब सरकार ने अपनी फ्लैगशिप स्वास्थ्य योजना को और आसान बना दिया है। सूचना एवं लोक संपर्क विभाग ने बताया कि मुख्यमंत्री सेहत योजना (एमएमएसवाई) के तहत अब लाभार्थी अपना हेल्थ कार्ड घर बैठे डिजिटल तरीके से डाउनलोड कर सकेंगे। राज्य स्वास्थ्य एजेंसी (एसएचए) पंजाब ने इस सुविधा को आधिकारिक पोर्टल पर लाइव कर दिया है।

अब लाभार्थियों को हेल्थ कार्ड की कॉपी लेने के लिए किसी सेवा केंद्र या दफ्तर के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। ई-केवाईसी और फोटो वेरिफिकेशन पूरा होने के बाद कार्ड को ऑनलाइन देखा और डाउनलोड किया जा सकेगा। इसे मोबाइल में सेव करके रखा जा सकता है या जरूरत पड़ने पर प्रिंट भी निकाला जा सकता है।

स्वास्थ्य एजेंसी ने कार्ड डाउनलोड करने की प्रक्रिया को बेहद सरल रखा है। इनमें तीन चरण है। पहला चरण में विवरण दर्ज करना है। लाभार्थी अपनी फैमिली आईडी, हेल्थ कार्ड नंबर, मोबाइल नंबर या आधार नंबर डालकर अपने परिवार का रिकॉर्ड सर्च कर सकते हैं।

दूसरे चरण में ओटीपी वेरिफिकेशन की प्रक्रिया है। रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर या आधार से लिंक मोबाइल पर आए ओटीपी से सत्यापन करना होगा।

तीसरे चरण में सफल प्रमाणीकरण के बाद वेरिफाइड हेल्थ कार्ड स्क्रीन पर दिखेगा, जिसे पीडीएफ फॉर्मेट में डाउनलोड किया जा सकता है।

विभाग ने साफ किया है कि कार्ड डाउनलोड करने से पहले ई-केवाईसी पूरी करना जरूरी है। यह एक सुरक्षा उपाय है। लाभार्थी को परिवार के सदस्यों की फोटो अपडेट कर सत्यापन करना होगा। बिना वेरिफिकेशन के सिर्फ कार्ड डाउनलोड कर लेना मान्य नहीं होगा।

मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत हर पात्र परिवार को प्रतिवर्ष 10 लाख रुपए तक का कैशलेस इलाज कवरेज दिया जा रहा है। डिजिटल कार्ड की सुविधा इसी कड़ी में एक बड़ा सुधार है। इससे कागजी कार्रवाई कम होगी और इमरजेंसी के समय दस्तावेज तुरंत उपलब्ध होगा।

डाउनलोड किया गया कार्ड लाभार्थी अपने मोबाइल में सुरक्षित रख सकते हैं। इसकी प्रिंटेड कॉपी अपने पास रख सकते हैं, परिवार के सदस्यों के साथ शेयर कर सकते हैं और अस्पताल में इलाज के दौरान दिखा सकते हैं।

राज्य स्वास्थ्य एजेंसी ने लोगों से अपील की है कि इस सेवा के लिए केवल आधिकारिक वेबसाइट का ही इस्तेमाल करें। किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपना ओटीपी शेयर न करें। सरकार का कहना है कि यह पहल स्वास्थ्य सुरक्षा को न केवल व्यापक बल्कि लोगों के लिए अधिक सुलभ और सुविधाजनक बनाने की दिशा में एक अहम कदम है।