पटना, 5 सितंबर (आईएएनएस)। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को पटना के श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में महान शिक्षाविद् एवं भारत रत्न डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के अवसर पर आयोजित शिक्षक दिवस समारोह-2026 का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने शिक्षकों को राष्ट्र और समाज के चरित्र निर्माण का आधार बताते हुए कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और ज्ञान के माध्यम से ही बिहार के भविष्य को नई दिशा दी जा सकती है।
सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि शिक्षक केवल ज्ञान देने का काम नहीं करते, बल्कि विद्यार्थियों के चरित्र और राष्ट्र भावना के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने शिक्षक दिवस पर प्रदेश के सभी शिक्षकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बिहार और भारत तभी समृद्ध हो सकते हैं, जब शिक्षक अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन पूरी निष्ठा से करें। सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार की गौरवशाली शिक्षा परंपरा रही है। नालंदा और विक्रमशिला जैसे विश्वविद्यालय इस बात के प्रमाण हैं कि कभी पूरी दुनिया से लोग ज्ञान प्राप्त करने बिहार आते थे।
उन्होंने बताया कि 15 जुलाई को विक्रमशिला विश्वविद्यालय के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है और अगले एक वर्ष में इसे धरातल पर उतारने का प्रयास किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में शिक्षा के क्षेत्र में लगातार सुधार किए जा रहे हैं। आजादी के बाद लंबे समय तक राज्य में डिग्री कॉलेजों की संख्या सीमित रही, लेकिन अब बड़े स्तर पर शैक्षणिक संस्थानों और मॉडल स्कूलों का विकास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 551 मॉडल स्कूल शुरू किए जा चुके हैं और अब करीब 700 मॉडल स्कूल विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। इन स्कूलों में विद्यार्थियों को नीट और जेईई जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।
उन्होंने कहा कि घर से पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए विशेष ऐप के माध्यम से लाइव शिक्षकों की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इसके अलावा शिक्षकों को आधुनिक तकनीकों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का प्रशिक्षण दिया जाएगा। सम्राट चौधरी ने कहा कि शिक्षकों के बेहतर प्रशिक्षण के लिए एक समर्पित शिक्षक प्रशिक्षण विश्वविद्यालय स्थापित किया जाएगा। साथ ही एआई और कंप्यूटर साइंस पर केंद्रित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय तथा सिविल इंजीनियरिंग और आर्किटेक्चर के लिए शहीद जुब्बा सहनी विश्वविद्यालय की दिशा में भी काम किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि बिहार में परीक्षा और परिणाम व्यवस्था में भी व्यापक सुधार किए जाएंगे। लक्ष्य है कि प्लस टू और मैट्रिक परीक्षाओं के परिणाम परीक्षा समाप्त होने के सात दिनों के भीतर जारी किए जाएं। इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक परीक्षाओं के परिणाम एवं उत्तर पुस्तिकाएं 24 घंटे के भीतर ऑनलाइन उपलब्ध कराने की व्यवस्था पर भी काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वित्त रहित शिक्षकों के लिए सरकारी अनुदान और उनके आंतरिक संसाधनों को मिलाकर नया वेतनमान तैयार करने की व्यवस्था की जाएगी। वहीं मदरसा और संस्कृत विद्यालयों के शिक्षकों के बकाया वेतन का भुगतान सितंबर में करने की बात कही।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में निजी विश्वविद्यालयों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि राज्य के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए दूसरे राज्यों का रुख न करना पड़े। उन्होंने कहा कि बीएचयू का सेंटर बिहार में खोलने का प्रयास किया जा रहा है और कई नए आईटी सेंटर भी विकसित किए जा रहे हैं।
सीएम सम्राट चौधरी ने विद्यार्थियों से बिना किसी शॉर्टकट के ज्ञान अर्जित करने का आह्वान करते हुए कहा कि ज्ञान ही जीवन में सफलता का सबसे मजबूत आधार है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प और बिहार के समृद्ध बिहार के लक्ष्य को पूरा करने में विद्यार्थी और शिक्षक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
