नई दिल्ली, 5 सितंबर (आईएएनएस)। कांग्रेस विधायक राम्या हरिदास पर हमले और सहारनपुर मस्जिद विवाद को लेकर भाजपा सांसद धर्मशीला गुप्ता ने कांग्रेस और एआईएमआईएम के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस महिला विरोधी पार्टी है जहां उनकी महिला विधायक सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने ओवैसी पर वोट बैंक की राजनीति कर कोर्ट के फैसले का अपमान करने का आरोप लगाया। इसके साथ ही तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी पर एसआईआर के बहाने हार की हताशा में बयानबाजी करने का तंज कसा।
कांग्रेस विधायक राम्या हरिदास के घायल होने पर भाजपा सांसद धर्मशीला गुप्ता ने कहा, “यह सब जानते हैं कि कांग्रेस महिला विरोधी है। कांग्रेस में उनकी ही एक महिला विधायक सुरक्षित नहीं हैं, इसलिए, यह साफ है कि कांग्रेस में महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं। उनकी अपनी पार्टी के कार्यकर्ता अपने ही विधायक पर हमला कर रहे हैं, इसलिए यह स्पष्ट है कि कांग्रेस के पास न तो कोई नीति है और न ही कोई सिद्धांत, शिष्टाचार या मर्यादा है।”
उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस पार्टी के जो बड़े नेता हैं, उनकी नीति और सिद्धांत दुनिया के सामने हैं। ये बहुत ही शर्मनाक विषय है। हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नारी शक्ति को नमन करते हैं। उनकी आत्मनिर्भरता के लिए अनेक काम कर रहे हैं। वहीं, दूसरी ओर राहुल गांधी हैं, जो अपने ही दल में अपनी ही नेताओं के साथ मारपीट करवा रहे हैं। ये बहुत निंदनीय है।
सहारनपुर में एक गैर-कानूनी मस्जिद को गिराए जाने के बारे में एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी के बयान पर भाजपा सांसद धर्मशीला गुप्ता ने कहा, “उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में मस्जिद गैर-कानूनी थी और यह उत्तर प्रदेश सरकार का फैसला नहीं है। यह कोर्ट का फैसला है। मैं ओवैसी से कहना चाहूंगी कि वो तो खुद हमेशा वोट की राजनीति करते हैं। आज वो राम मंदिर के विषय को लेकर हिंदू धर्म का अपमान कर रहे हैं। हमारी सरकार सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास को लेकर चलती है। ओवैसी सिर्फ अपने वोट की चिंता करते हैं और हमेशा सरकार बदनाम करने की कोशिश करते हैं।”
उन्होंने कहा कि राम मंदिर पर उंगली उठाने वाले ओवैसी और अनेक विपक्षी नेता, जो ये बनने नहीं देना चाहते थे, आज पीएम मोदी के प्रयास से अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण हुआ। अगर कोर्ट कोई फैसला करती है तो हम उसका सम्मान करेंगे। ओवैसी हिंदुओं पर कुठाराघात ना करें। वो मस्जिद गैरकानूनी है, वो कोर्ट का फैसला है और संविधान कहता है कि वो अपने हिसाब से काम करेगा।
रेवंत रेड्डी को अपनी कुर्सी गिरने का डर हो रहा है। उन्होंने वहां की जनता को ठगा है। उन्हें समझ लेना चाहिए कि एसआईआर पर हमने बिहार और पश्चिम बंगाल जीता है। वह हार की हताशा से घबरा रहे हैं। वह निराश हो चुके हैं, इसलिए एसआईआर पर ठिकरा फोड़ रहे हैं। उन्हें अच्छा काम करना चाहिए, न कि एसआईआर या सरकार पर दोषारोपण करना चाहिए। अगर वह अपनी सरकार में अच्छा काम करते तो उन्हें डर नहीं होता।
