नई दिल्ली, 6 सितंबर (आईएएनएस)। भारतीय वायुसेना की सारंग हेलीकॉप्टर टीम मिस्र के आसमान में रोमांचक प्रदर्शन करने को तैयार है। सारंग टीम मिस्र पहुंच चुकी है और यहां 8 से 10 सितंबर तक होने वाले दूसरे एल अलामीन अंतरराष्ट्रीय एयर शो में अपने शानदार हवाई करतब दिखाएगी।
सारंग टीम की सबसे खास पहचान यह है कि यह दुनिया की एकमात्र पांच हेलीकॉप्टरों वाली प्रदर्शन टीम है। टीम अपने बेहद सटीक और चुनौतीपूर्ण हवाई करतबों के जरिए पायलटों के कौशल, अनुशासन और बेहतरीन तालमेल का प्रदर्शन करेगी। आसमान में पांच हेलीकॉप्टर एक-दूसरे के बेहद करीब उड़ान भरेंगे। ये हेलीकॉप्टर पलक झपकते ही सटीक तालमेल के साथ दिशा बदलते हैं व ऐसी मूवमेंट करते हैं कि देखने वाले देखते रह जाएं।
सारंग टीम जिन हेलीकॉप्टरों को उड़ाती है, वे भारत में डिजाइन और निर्मित उन्नत हल्का हेलीकॉप्टर ध्रुव हैं। इन हेलीकॉप्टरों के जरिए टीम बेहद कम दूरी पर उड़ान भरने, कठिन संरचनात्मक उड़ानें और एक-दूसरे के साथ पूरी तरह समन्वित हवाई गतिविधियां करती है। मिस्र के दर्शकों और दुनिया भर से पहुंचने वाले विमानन प्रेमियों के लिए सारंग टीम का प्रदर्शन खास आकर्षण रहने वाला है।
रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, टीम यहां अपने प्रसिद्ध ‘डॉल्फिन लीप’ करतब का प्रदर्शन करेगी। इसके साथ ही इस बार दर्शकों को एक नए हवाई करतब ‘स्पॉट स्टॉल टर्न’ की झलक भी देखने को मिलेगी। इस प्रदर्शन के दौरान हेलीकॉप्टरों की सटीक उड़ान और पायलटों के बीच असाधारण तालमेल देखने को मिलेगा।
दरअसल सारंग हेलीकॉप्टर का प्रदर्शन केवल रोमांच और करतब तक सीमित नहीं है। यह भारत की स्वदेशी विमानन तकनीक और हेलीकॉप्टर निर्माण क्षमता को भी दुनिया के सामने पेश करता है। ध्रुव हेलीकॉप्टरों को बेहद चुनौतीपूर्ण संरचनात्मक उड़ानों में संचालित करना पायलटों के उच्च स्तर के प्रशिक्षण, अनुशासन और पेशेवर दक्षता को दर्शाता है।
सारंग टीम की उड़ानों में बेहद नजदीकी दूरी पर हेलीकॉप्टरों का संचालन और एक साथ तालमेल बनाकर हवाई गतिविधियां करना शामिल है। यही वजह है कि दुनिया के प्रमुख एयर शो में सारंग के प्रदर्शन को विशेष आकर्षण के तौर पर देखा जाता है।
एल अलामीन अंतरराष्ट्रीय एयर शो में सारंग की भागीदारी भारत और मिस्र के बीच बढ़ते रक्षा और कूटनीतिक संबंधों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। इस आयोजन में दुनिया की प्रमुख वायु सेनाओं के साथ-साथ विमानन, रक्षा और अंतरिक्ष क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ और पेशेवर भी हिस्सा लेंगे।
रक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक मिस्र के आसमान में सारंग का प्रदर्शन भारतीय वायुसेना की अंतरराष्ट्रीय भागीदारी को एक नया आयाम देगा। साथ ही दुनिया की अन्य हवाई प्रदर्शन टीमों के साथ संवाद और संपर्क बढ़ाने का अवसर भी मिलेगा।
