गाजियाबाद, 6 सितंबर (आईएएनएस)। सहारनपुर मस्जिद मामले पर भाजपा नेता संगीत सोम की प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने कहा कि सहारनपुर में मस्जिद को गिराने की कार्रवाई सरकारी जमीन पर बने अवैध ढांचे के खिलाफ कोर्ट के आदेश के बाद की गई। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी अवैध निर्माण को बख्शा नहीं जाएगा।
आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा, “वह मस्जिद नहीं थी, वह एक अवैध इमारत थी। इस तरह की जितनी भी इमारतें होंगी सभी को ध्वस्त किया जाएगा। यह कोर्ट के आदेश से किया गया है और आगे भी कोर्ट के आदेश से कानून का पालन करते हुए सबको ध्वस्त किया जाएगा। 400 वर्ष पुराना कुआं इमारत के अंदर कब्जा कर लिया गया था।”
संगीत सोम ने कहा, “अखिलेश यादव और कांग्रेस की सरकारों ने आज तक क्या कराया? उनकी सरकारों में इन लोगों को छूट दी गई कि जहां भी सरकारी जमीन दिखे, वहां मस्जिद के नाम पर इमारत बनाकर खड़ा कर दीजिए। 500 वर्ष पुराना खंडहर जीतने में तो इतना वक्त लग गया, अब इस तरह के नए खंडहर खड़े नहीं होने दिए जाएंगे।”
भाजपा नेता ने आगे कहा, “ये लोग मुसलमानों का इस्तेमाल कर रहे हैं। मुसलमानों को आगे करके राजनीतिक रोटी सेंकना चाहते हैं। मेरा हमेशा से कहना है कि ‘मुसलमानों की तीन बर्बादी अखिलेश, ओवैसी, और राहुल गांधी’। इन तीनों लोगों ने मुसलमानों को बर्बाद कर दिया है। ये सभी लोग मिलकर उत्तर प्रदेश में दंगा कराना चाहते हैं, कानून खत्म करना चाहते हैं, और संविधान इन्हीं लोगों की वजह से खतरे में पड़ेगा। संविधान को ये खत्म करना चाहते हैं। ये सब अमर, अकबर, और एंथनी बनने की कोशिश कर रहे हैं।”
संगीत सोम ने कहा कि अखिलेश यादव 2013 के दंगे को ठंडा नहीं होने देना चाहते। 2013 के दंगे में उन्होंने हजारों लोगों को मरवाया। ये तीनो लोग मिलकर उत्तर प्रदेश में दंगा कराना चाहते हैं। भाजपा की सरकार में किसी भी कीमत पर दंगा हो नहीं सकता।
अखिलेश के ‘पीडीए’ की परिभाषा को विनोद तावड़े की ओर से ‘पराया धन अपना’ बताने पर संगीत सोम ने कहा, “इन लोगों ने आज तक किया है। इन्होंने जनता को बेवकूफ बनाया। अब जनता समझ चुकी है और अखिलेश यादव को हमेशा सत्ता से बाहर रखने का मन बना लिया है। ये किसी भी कीमत पर उत्तर प्रदेश में सत्ता का मुंह नहीं देख सकते।”
सपा सांसद इकरा हसन के बयान ‘हिंदू-मुस्लिम’ पर संगीत सोम ने कहा, “अखिलेश यादव को ये समझना पड़ेगा कि वे अगर अपने लोगों को भेजकर दंगे की योजना बना रहे हैं तो उत्तर प्रदेश में दंगा हो नहीं सकता। उत्तर प्रदेश में किसी ने भी दंगा करने की कोशिश की उसके साथ वैसा ही व्यवहार होगा, जो एक अपराधी के साथ होता है। उत्तर प्रदेश उत्तम प्रदेश बनने की ओर है और ये रोक नहीं सकते।”
वहीं, सहारनपुर मस्जिद मामले में कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने कहा, “यह जिला जज का फैसला है। संसद पहले ही ‘पूजा स्थल अधिनियम’ पास कर चुकी है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट न तो इस कानून को स्पष्ट कर रहा है और न ही इसकी परिभाषा तय कर रहा है। इस कानून के बावजूद, एक जिला जज ने ढांचे को अवैध घोषित करते हुए उसे गिराने की इजाजत दे दी। लोग 100 साल पुराने दस्तावेज कहां से लाएंगे? क्या भारत में बने हर मंदिर के लिए दस्तावेज मौजूद हैं? योगी आदित्यनाथ को वे दस्तावेज पेश करने चाहिए। यह एकतरफा फैसला है।”
राशिद अल्वी ने आगे कहा, “”यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। योगी आदित्यनाथ को लगता है कि मस्जिदें गिराकर वे दोबारा सरकार बना लेंगे। भाजपा बार-बार तुष्टीकरण की बात करती है, लेकिन तुष्टीकरण का इससे बड़ा उदाहरण और कोई नहीं हो सकता। अगर पाकिस्तान या बांग्लादेश में मंदिर गिराए जाते हैं, तो हम आवाज उठाते हैं और कहते हैं कि ऐसा नहीं होना चाहिए। भारत के हिंदुओं को तकलीफ होती है। लेकिन कभी सरकार ने सोचा कि मस्जिदों को तोड़ने से हिंदुस्तान के मुसलमानों के दिल रोने लगते हैं। मस्जिदें तोड़कर विश्वास हासिल करेंगे? ऐसा एक जगह नहीं हो रहा है, हर जगह हो रहा है।”
