सहारनपुर, 7 सितंबर (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में अवैध मस्जिद को गिराए जाने के बाद सियासत तेज हो गई है। इस मामले पर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद और कांग्रेस नेता असीम वकार ने अपनी प्रतिक्रिया दी है।
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि सहारनपुर मस्जिद का मामला एक कानूनी लड़ाई है और उन्हें भरोसा है कि अदालत न्याय करेगी। उन्होंने कहा, “अब जब मस्जिद गिरा दी गई है, तो लड़ाई अदालत में लड़नी होगी। ये सभी विवाद कागजात और दस्तावेजों से जुड़े हैं। हमारे पास वे दस्तावेज हैं, इसलिए हम अदालत में लड़ेंगे और अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे।”
उन्होंने कहा कि निश्चित रूप से न्याय मिलेगा और दोबारा मस्जिद का निर्माण कोर्ट के आदेश पर ही होगा। इमरान मसूद ने कहा, “हम कोर्ट जाएंगे, अपनी बात रखेंगे और हमारे पास रास्ता क्या है? रास्ता तो यही है ना, रास्ता तो कोर्ट का ही है तो कोर्ट जाएंगे।”
वहीं, लखनऊ में कांग्रेस नेता असीम वकार ने सहारनपुर मस्जिद को गिराए जाने पर तीखी प्रतिक्रिया दी। असीम वकार ने योगी सरकार पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि लगभग 270-280 के आसपास मुसलमानों के प्रतिष्ठानों को गिराया गया है, जिसमें 225 मदरसे, 30 मस्जिदें, 25 मजारें और 6 ईदगाह हैं, जिसको यूपी सरकार ने अब तक ध्वस्त किया है। उन्होंने सवाल उठाया, “तो क्या आप समझते हैं कि प्रदेश का, देश का हिंदू खुश है?”
उन्होंने कहा, “सरकार बनने के बाद, जिस दिन भाजपा की सरकार खत्म होगी और इंडिया गठबंधन की सरकार सत्ता में आएगी। मैं अपने नेता से भी बात करूंगा कि जिन अधिकारियों ने 688 मंदिर तोड़े हैं, जिन अधिकारियों के दस्तखत से 688 मंदिर और बनारस और अयोध्या के मंदिर ध्वस्त किए गए हैं, उन सब की अपनी निजी संपत्तियों से, उनके अपने बैंक के पैसों से, उनकी तनख्वाहों से उन मंदिरों का वापस से निर्माण कराया जाएगा। कोई नहीं रोक पाएगा।”
उन्होंने कहा, “खाली सहारनपुर की नहीं बल्कि बाकी जितनी मस्जिदें तोड़ी गई हैं, उनमें भी वही कानून लागू होगा जो मंदिरों पर लागू होगा। सारे मंदिर जो इस सरकार ने तोड़े हैं, उनका सवाल उठाया जाएगा। उनके पुजारियों को वापस वही मंदिर बनाकर दिए जाएंगे और मुसलमानों को भी वही मस्जिदें। सहारनपुर की मस्जिद जैसे तोड़ी है, ईदगाह तोड़ी है अवैध तरीके से, गैर-संवैधानिक काम है।”
