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उत्तराखंड में यूसीसी लागू होने से बेटियों को मिला सुरक्षा कवच: भाजपा विधायक आशा नौटियाल

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फरीदाबाद, 7 सितंबर (आईएएनएस)। राष्ट्रीय महिला आयोग के कार्यक्रम में शामिल हुईं उत्तराखंड की भाजपा विधायक आशा नौटियाल ने राज्य सरकार के कई फैसलों की सराहना की। उन्होंने कहा कि अवैध मदरसों पर कार्रवाई और समान नागरिक संहिता लागू करना महिला सुरक्षा और बच्चों के समान शिक्षा के लिए जरूरी कदम है। उनके मुताबिक, यूसीसी को लागू करने से मुस्लिम बहनें अब खुद को ज्यादा सुरक्षित महसूस कर रही हैं।

उत्तराखंड की भाजपा विधायक आशा नौटियाल ने कहा, “मैं हमारी महिला आयोग की चेयरपर्सन विजया रहाटकर को दिल से धन्यवाद देना चाहती हूं कि उन्होंने राष्ट्रीय महिला आयोग के इस प्रोग्राम में देशभर से सभी महिला विधायकों को बुलाया। यहां बहुत अच्छी बातचीत हुई और यह देखकर हिम्मत मिली कि अलग-अलग राज्यों से सैकड़ों महिला विधायकों ने प्रोग्राम में हिस्सा लिया। समाज में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और समाज को आगे बढ़ाने में उनका बढ़ता योगदान आज यहां स्पष्ट तौर पर दिखाई दिया।”

उत्तराखंड में अवैध मदरसों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर आशा नौटियाल ने कहा, “देखिए, यह भारत की धरती है और उत्तराखंड देवभूमि है। बच्चों के ओवरऑल डेवलपमेंट के लिए शिक्षा जरूरी है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति पूरे देश में लागू की गई है। यह सुनिश्चित करने के लिए कि सभी बच्चों को एक जैसी शिक्षा मिले, हमारे मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड में यह फैसला किया है और सभी ने इस कदम की सराहना की है।”

उन्होंने कहा कि मदरसों में जिन लोगों के बच्चे शिक्षा ले रहे थे, उन्होंने भी इसकी सराहना की है। उनका कहना है कि बच्चों को एक समान शिक्षा मिलनी चाहिए। समाज के हित के लिए और राष्ट्र निर्माण के लिए सभी को शिक्षा मिलनी चाहिए।

निकाहनामा को लेकर भाजपा विधायक ने कहा कि आप देखते होंगे कि कई मुस्लिम बहनों ने इसकी सराहना की है। कई बहनें पीड़ित होती हैं; उनको उनके धर्म में कहा जाता था कि तीन बार तलाक बोलने से उनकी शादी टूट जाएगी। ऐसे में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बड़ा कदम उठाया है। यूसीसी को उत्तराखंड से लागू किया गया और पूरे देश ने इसकी सराहना की।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के लोगों ने भी कहा कि ये हमारी बेटियों के लिए एक सुरक्षा कवच है। कई बार इस तरह की घटनाएं हो जाती थीं, किसी व्यक्ति का पता नहीं चलता था। आज कम से कम जिसके साथ भी हमारी बेटियां रहती हैं, तो वो किसके साथ हैं, जानकारी रहती है। सरकार को पता होता है कि वो यहां पर एक रिश्ते में हैं। निश्चित तौर पर बेटियां सुरक्षित हैं।