SGSU Advertisement
Home राजनीति सत्य निकेतन हादसा बेहद दुखद, नियमित स्ट्रक्चरल ऑडिट होना चाहिए: कांग्रेस नेता...

सत्य निकेतन हादसा बेहद दुखद, नियमित स्ट्रक्चरल ऑडिट होना चाहिए: कांग्रेस नेता भाई जगताप

0
2

मुंबई, 7 सितंबर (आईएएनएस)। कांग्रेस नेता और एमएलसी भाई जगताप ने दिल्ली के सत्य निकेतन पीजी हॉस्टल हादसे में हुई मौतों पर दुख जताते हुए दिल्ली सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने हॉस्टल की सुरक्षा व्यवस्था और स्ट्रक्चरल ऑडिट पर सवाल उठाते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। इसके अलावा, उन्होंने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के बयान, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2013 के भारत से जुड़े बयान, पालघर अस्पताल मामले और कथित ‘ऑपरेशन टाइगर-4’ को लेकर भी प्रतिक्रिया दी।

भाई जगताप ने सत्य निकेतन हादसे में छह लोगों की मौत को बेहद दुखद बताते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जताई। उन्होंने कहा कि देश के अलग-अलग हिस्सों से छात्र दिल्ली में पढ़ाई करने आते हैं और हॉस्टल में रहते हैं, इसलिए ऐसी इमारतों की सुरक्षा को लेकर नियमित स्ट्रक्चरल ऑडिट होनी चाहिए। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से जिम्मेदारी लेने की मांग करते हुए उन्होंने कहा कि केवल जांच का आदेश देना पर्याप्त नहीं है। जांच की रिपोर्ट सार्वजनिक होनी चाहिए और यह स्पष्ट होना चाहिए कि हादसे के लिए कौन जिम्मेदार है।

कांग्रेस नेता ने कहा कि यदि जांच में इंजीनियरों, हॉस्टल मालिकों या देखरेख करने वालों की लापरवाही सामने आती है तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। सिर्फ अधिकारियों को निलंबित करने से क्या वास्तविक जिम्मेदारी तय हो पाएगी

मोहन भागवत द्वारा लंदन में आरएसएस को ‘शुद्ध सात्विक प्रेम’ फैलाने वाला संगठन बताए जाने पर भाई जगताप ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आरएसएस को अपने चरित्र का प्रमाण देने के बजाय अपने कार्यों से यह साबित करना चाहिए। उन्होंने आरएसएस की स्वतंत्रता आंदोलन में भूमिका को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए और दावा किया कि संगठन का इतिहास कांग्रेस के नजरिए से अलग रहा है। आरएसएस के बयानों और उसके कथित व्यवहार में अंतर है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2013 में भारत के आर्थिक और विकास संबंधी हालात को लेकर दिए गए बयान पर भाई जगताप ने मौजूदा आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए सवाल उठाए। उन्होंने जीडीपी के आंकड़ों पर भी सरकार की आलोचना की और कहा कि कई अर्थशास्त्रियों ने सरकार की आर्थिक नीतियों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि यदि जीडीपी में वृद्धि का दावा किया जा रहा है तो उसका असर आम लोगों के जीवन में भी दिखाई देना चाहिए। कांग्रेस नेता ने महंगाई और आम परिवारों की आर्थिक परेशानियों का जिक्र करते हुए दावा किया कि बड़ी संख्या में लोग रोजमर्रा के खर्चों को लेकर दबाव में हैं। रुपए की स्थिति का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार को आर्थिक उपलब्धियों के साथ आम जनता की वास्तविक स्थिति पर भी जवाब देना चाहिए।

पालघर अस्पताल में कथित मारपीट के मामले में शिवसेना नेता समेत 16 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज होने पर भाई जगताप ने घटना की निंदा की। उन्होंने कहा कि यदि अस्पताल में इस तरह की घटना हुई है तो यह बेहद गंभीर है। मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी हो और जांच के बाद दोष सिद्ध होने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने राजनीतिक नेताओं से भी अपने समर्थकों के व्यवहार पर नजर रखने की अपील की।

मुरजी पटेल के कथित ‘ऑपरेशन टाइगर-4’ और ठाकरे गुट के 14 विधायकों के एकनाथ शिंदे के संपर्क में होने के दावे पर भाई जगताप ने कहा कि उन्हें इस बारे में व्यक्तिगत तौर पर जानकारी नहीं है, लेकिन ऐसी चर्चाएं सुनने में आ रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पैसे, दबाव या डर के जरिए राजनीतिक दलों और निर्वाचित प्रतिनिधियों को प्रभावित करना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं है। यदि कोई विधायक किसी दूसरी पार्टी में जाना चाहता है तो उसे पहले अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए और फिर जनता के बीच जाकर दोबारा चुनाव लड़ना चाहिए।

भाई जगताप ने दावा किया कि महाराष्ट्र में सरकार गिराने के दौरान विधायकों को बड़ी रकम दिए जाने की बातें सामने आई थीं। उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए गलत बताते हुए कहा कि सत्ता हासिल करने के लिए इस तरह के तरीकों का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए।