चंडीगढ़, 7 सितंबर (आईएएनएस)। प्रदर्शनकारी किसान यूनियनों की मुख्य मांगों को स्वीकार करते हुए भगवंत मान सरकार से लिखित आश्वासन मिलने के बाद, चंडीगढ़-मोहाली बॉर्डर पर विरोध कर रहे किसानों ने सोमवार शाम अपना आंदोलन खत्म कर दिया।
कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुडियां ने किसान प्रतिनिधियों को औपचारिक लिखित आश्वासन सौंपा।
लिखित समझौते के अनुसार, पंजाब सरकार मुख्य मुद्दों पर प्रस्ताव पारित करने और उन्हें केंद्र को भेजने के लिए एक महीने के भीतर विधानसभा का विशेष सत्र बुलाएगी। इन मुद्दों में दशकों पुराने असंवैधानिक जल-बंटवारे समझौतों पर पुनर्विचार की मांग, राज्य के जल-अधिकारों को बहाल करने के लिए पंजाब पुनर्गठन अधिनियम की धारा 78, 79 और 80 को रद्द करना, बांध सुरक्षा अधिनियम को खत्म करना और बीज विधेयक 2025 को वापस लेना शामिल है।
किसानों के कल्याण के प्रति भगवंत सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए, कृषि मंत्री खुडियां ने कहा कि सरकार बातचीत और आपसी समझ के जरिए मुद्दों को सुलझाने में विश्वास रखती है। उन्होंने कहा कि भगवंत मान सरकार हमारे अन्नदाताओं के कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। हम बातचीत के जरिए मुद्दों को सुलझाने में विश्वास रखते हैं और हमने पूरी पारदर्शिता के साथ उनकी जायज मांगों को लिखित रूप में स्वीकार किया है।
किसानों पर वित्तीय बोझ कम करने के लिए, मंत्री ने यह भी घोषणा की कि बकाया ऋणों, विशेष रूप से सहकारी बैंकों (पंजाब राज्य सहकारी बैंक और सहकारी समितियों सहित) से लिए गए ऋणों के लिए ‘वन-टाइम सेटलमेंट’ (ओटीएस) नीति बनाई जाएगी।
उन्होंने कहा कि ओटीएस पॉलिसी बनाने के लिए सभी राजनीतिक दलों से सलाह-मशविरा करके एक कमेटी बनाई जाएगी, जो किसानों पर कर्ज का बोझ कम करने में अहम भूमिका निभाएगी। गन्ने की कीमत के मुद्दे पर मंत्री खुडियां ने जोर देकर कहा कि पंजाब देश में गन्ने की सबसे ज्यादा कीमत देना जारी रखेगा। उन्होंने कहा कि गन्ने की कीमत तय करने की फाइल सोमवार को ही पेश करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि यह प्रक्रिया बिना किसी देरी के शुरू हो सके।
मंत्री ने आगे कहा कि सरकार प्राइवेट शुगर मिलों की तरफ़ से किसानों के बकाया पैसे का समय पर भुगतान सुनिश्चित करेगी। उन्होंने कहा कि अभी कोऑपरेटिव मिलों में लागू ‘वन विंडो, वन पेमेंट’ सिस्टम को प्राइवेट मिलों में भी लागू किया जाएगा।
किसान यूनियनों की बाकी मांगों के बारे में मंत्री गुरमीत सिंह खुडियां ने भरोसा दिलाया कि पंजाब सरकार के सीनियर अधिकारियों और किसान यूनियनों के चुने हुए प्रतिनिधियों को मिलाकर एक जॉइंट कमेटी बनाई जाएगी। यह कमेटी बकाया मामलों की जांच करेगी और उन्हें जल्द से जल्द सुलझाने की दिशा में काम करेगी।
