नोएडा, 8 सितंबर (आईएएनएस)। छात्रा के साथ बस में गैंगरेप की घटना के बाद यात्रियों की सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग ने सख्ती बढ़ा दी है। उत्तर प्रदेश शासन के निर्देश पर गौतम बुद्ध नगर में चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन कवच 2.0’ के तहत परिवहन विभाग ने नियमों की अनदेखी करने वाली बसों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है।
अभियान के दौरान परिवहन विभाग की पांच प्रवर्तन टीमों ने जिले के अलग-अलग प्रमुख स्थानों पर सघन चेकिंग अभियान चलाते हुए 46 बसों के चालान किए, जबकि 25 बसों को निरुद्ध यानी सीज कर दिया गया। कार्रवाई के दौरान विभाग ने 10 लाख रुपये से अधिक का राजस्व भी वसूला और आरोपित किया है।
परिवहन विभाग के मुताबिक, यह अभियान यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ अवैध और नियम विरुद्ध संचालित हो रहे वाहनों पर शिकंजा कसने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। अभियान का नेतृत्व एआरटीओ (प्रवर्तन) डॉ. उदित नारायण पाण्डेय के निर्देशन में किया गया। इसके लिए विभाग की कुल पांच प्रवर्तन टीमों को मैदान में उतारा गया था, जिनमें तीन एआरटीओ और दो पीटीओ शामिल रहे।
परिवहन विभाग की टीमों ने जिले के प्रमुख और व्यस्त स्थानों पर बसों की जांच की। इनमें परी चौक, महामाया फ्लाईओवर, सेक्टर-37 और सूरजपुर जैसे स्थान प्रमुख रहे। चेकिंग के दौरान बसों के परमिट, टैक्स और संचालन से जुड़े दस्तावेजों की जांच की गई। नियमों का उल्लंघन मिलने पर मौके पर ही कार्रवाई की गई। जांच के दौरान कई बसों में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। विभाग के अनुसार कुछ बसें वैध रूट और परमिट की शर्तों का उल्लंघन करते हुए संचालित की जा रही थीं।
वहीं, कुछ वाहन स्वामियों की ओर से लंबे समय से सरकारी टैक्स का भुगतान नहीं किया गया था। इसके अलावा सवारी ढोने के लिए पंजीकृत बसों में नियमों के विपरीत कमर्शियल माल की ढुलाई भी किए जाने के मामले सामने आए। परिवहन विभाग की कार्रवाई के दौरान नियम तोड़ने वाले वाहन संचालकों पर सात लाख रुपये से अधिक का प्रशमन शुल्क लगाया गया। इसके अलावा करीब तीन लाख रुपये का बकाया टैक्स भी आरोपित किया गया। इस तरह अभियान के दौरान विभाग ने 10 लाख रुपये से अधिक की वित्तीय कार्रवाई की है।
एआरटीओ (प्रवर्तन) डॉ. उदित नारायण पांडेय ने कहा कि शासन के निर्देश पर ऑपरेशन कवच 2.0 के तहत जिले में अवैध परिवहन और यात्रियों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले वाहनों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन संचालकों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
परिवहन विभाग का कहना है कि बसों में सफर करने वाले यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। हाल में बस में छात्रा के साथ हुई गैंगरेप की घटना के बाद सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था की निगरानी और चेकिंग को लेकर प्रशासनिक स्तर पर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। इसी क्रम में ऑपरेशन कवच 2.0 के तहत बसों के परमिट, रूट, टैक्स और संचालन संबंधी नियमों की जांच तेज की गई है।
डॉ. उदित नारायण पाण्डेय ने वाहन संचालकों को चेतावनी दी कि यात्रियों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने, परमिट की शर्तों का उल्लंघन करने और सरकारी राजस्व की अनदेखी करने वालों के खिलाफ आगे भी कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। परिवहन विभाग की टीमें जिले में लगातार चेकिंग अभियान चलाएंगी और नियमों का उल्लंघन मिलने पर चालान से लेकर वाहन सीज करने तक की कार्रवाई की जाएगी।
