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लालू यादव ने बाढ़ के मुद्दे पर साझा किया संसद का पुराना वीडियो, कहा-मुफ्त अनाज नहीं, स्थायी समाधान चाहिए

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पटना, 8 सितंबर (आईएएनएस )। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू यादव ने मंगलवार को बिहार में बाढ़ की विकराल स्थिति के बीच संसद का एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करते हुए बिहार और बिहारियों के लिए अपने राजनीतिक संघर्ष को याद किया। उन्होंने केंद्र सरकार से बाढ़ की समस्या का स्थायी समाधान करने, नदियों के रखरखाव के लिए पर्याप्त वित्तीय सहायता देने और बिहार को उसके हिस्से का धन उपलब्ध कराने की मांग की।

पूर्व केंद्रीय मंत्री लालू यादव ने अपने आधिकारिक फेसबुक अकाउंट पर वीडियो साझा करते हुए कहा कि एक दशक बाद आई भीषण बाढ़ के समय जब बिहार सरकार का खजाना खाली है और राजकोषीय तनाव चरम पर है, तब उन्हें सड़क से सदन तक किए गए अपने संघर्ष की याद आ रही है। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने पक्ष और विपक्ष दोनों में रहते हुए बिहार और बिहारियों के हक के लिए संघर्ष किया है।

लालू यादव ने केंद्र की पूर्ववर्ती सरकारों पर बिहार के साथ भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में बिहार से करीब एक दर्जन कैबिनेट मंत्री थे, लेकिन उस समय बिहार को उसके हिस्से का बजट नहीं मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि पंचवर्षीय योजनाओं में भी बिहार के लिए धन रोकने का प्रयास किया जाता था और उस समय राज्य सीधे उधार भी नहीं ले सकते थे। राजद अध्यक्ष ने कहा कि वर्ष 2004 में राजद के 24 सांसदों के साथ संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए)-1 सरकार में रेल मंत्री बनने के बाद उन्होंने अपने राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल बिहार के विकास के लिए किया।

उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2004 से 2009 के बीच तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस की तत्कालीन अध्यक्ष सोनिया गांधी से बिहार के विकास कार्यों के लिए करीब 1.44 लाख करोड़ रुपये की राशि दिलाई गई। लालू यादव ने दावा किया कि इसी पैकेज की राशि से वर्ष 2005 के बाद तत्कालीन बिहार सरकार ने विकास कार्यों को आगे बढ़ाया। उन्होंने नीतीश कुमार और भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि जब बिहार से अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में कई कैबिनेट मंत्री थे, तब बिहार के लिए केंद्र से पर्याप्त सहायता नहीं लाई गई।

उन्होंने आरोप लगाया कि इसके विपरीत उन्होंने हमेशा सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ बिहार हित में राजनीति की और राज्य के लिए अधिक से अधिक फंड लाने का प्रयास किया। बाढ़ के मुद्दे पर लालू यादव ने कहा कि नेपाल से आने वाली बाढ़ और उसके स्थायी समाधान के लिए वह हमेशा प्रयासरत रहे हैं। उन्होंने कहा कि संसद में साझा किया गया वीडियो वर्ष 2011 का है। उस समय केंद्र में यूपीए-2 की सरकार थी जबकि बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व में भाजपा के साथ गठबंधन की सरकार थी। इसके बावजूद उन्होंने दिल्ली में बिहार की बाढ़ और नदियों के रखरखाव के मुद्दे पर केंद्र सरकार से सवाल किया था।

उन्होंने कहा कि सत्ता के लिए उन्होंने कभी अपना चरित्र, चेहरा, चाल और विचार नहीं बदला। लालू यादव ने वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों पर तंज कसते हुए कहा कि आज केंद्र में एनडीए-3 और बिहार में एनडीए-5 की सरकार है, लेकिन इसके बावजूद बिहार की समस्याओं के समाधान के बजाय बहाने बनाए जा रहे हैं। लालू यादव ने नदियों के रखरखाव के मुद्दे पर केंद्र और नेपाल सरकार के बीच स्पष्ट बातचीत की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि कर्पूरी ठाकुर ने भी इस समस्या को उठाया था। उन्होंने कहा कि चुनाव और बाढ़ के समय मुफ्तखोरी की घोषणाएं करने या दो किलो मुफ्त अनाज देने का लालच देने के बजाय बाढ़ की समस्या का स्थायी समाधान किया जाना चाहिए।

उन्होंने दावा किया कि नदियों के रखरखाव पर खर्च होने वाला एक पैसा भी बिहार को नहीं मिला। लालू यादव ने कहा कि बिहार के लोग अपना घर-परिवार छोड़कर देश-विदेश में पलायन करते हैं और वहां अपने खून-पसीने की कमाई अर्जित कर बिहार भेजते हैं, लेकिन उस अनुपात में राज्य के लोगों पर खर्च नहीं किया जाता। राजद अध्यक्ष ने कहा कि बिहार किसी से भीख नहीं मांग रहा है, बल्कि अपने योगदान और क्रेडिट के अनुरूप धन की मांग कर रहा है।

उन्होंने बिहार के कम क्रेडिट-डिपॉजिट अनुपात (सीडीआर) पर भी सवाल उठाया और कहा कि आज भी देश में बिहार का साख-जमा अनुपात सबसे कम है। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से इस दिशा में ठोस कदम उठाने की मांग की। लालू यादव का यह बयान ऐसे समय आया है, जब बिहार में विभिन्न नदियों के जलस्तर में वृद्धि के कारण कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है।