पटना, 8 सितंबर (आईएएनएस)। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को कहा कि प्रत्येक नागरिक की समस्या का समाधान कर उसे न्याय दिलाना सरकार का दायित्व है। उन्होंने कहा कि राज्य स्तरीय सहयोग कार्यक्रम इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है और सरकार का उद्देश्य शिकायतों का पारदर्शी, निष्पक्ष एवं समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना है। मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित राज्य स्तरीय सहयोग कार्यक्रम हॉल में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने राज्यभर से पहुंचे लोगों की समस्याएं सुनीं।
कार्यक्रम में कुल 137 आवेदक उपस्थित हुए, जिनके मामलों के निष्पादन के लिए संबंधित विभागों और जिलाधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए। सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनता की शिकायतों का निर्धारित समय-सीमा के भीतर समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि सहयोग कार्यक्रम के माध्यम से जिस प्रकार लोगों की समस्याओं का ससमय समाधान हो रहा है, उससे जनता का विश्वास बढ़ा है। इस विश्वास को बनाए रखना सभी अधिकारियों और कर्मियों की जिम्मेदारी है। आवेदन के निष्पादन में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
राज्य के विभिन्न जिलों से आए आवेदकों ने राजस्व एवं भूमि सुधार, शिक्षा, गृह, ग्रामीण कार्य, स्वास्थ्य, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण, समाज कल्याण सहित विभिन्न विभागों से संबंधित समस्याएं मुख्यमंत्री के समक्ष रखीं। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों और जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि आवेदकों की समस्याओं का निर्धारित समय के भीतर समाधान सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री के निर्देश पर संबंधित विभागों और जिलाधिकारियों ने आवेदकों की समस्याओं के शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी की समस्याओं का समाधान करना और उन्हें न्याय दिलाना सरकार का दायित्व है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य स्तरीय सहयोग कार्यक्रम में आवेदन करने वाले जिन लोगों की समस्याओं का समाधान हो चुका है, उन्हें पटना आने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों की समस्याएं जटिल हैं और जिनका समाधान जिला स्तर पर नहीं हो पा रहा है, वैसे आवेदक ही राज्य स्तरीय सहयोग कार्यक्रम के माध्यम से समाधान के लिए पटना आएं। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रत्येक नागरिक की शिकायत का पारदर्शी, निष्पक्ष और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना है। सहयोग शिविरों के माध्यम से बड़ी संख्या में लोगों की समस्याओं का समाधान किया गया है।
जटिल मामलों के लिए राज्य स्तरीय सहयोग कार्यक्रम की व्यवस्था की गई है, ताकि शिकायतों का दोबारा परीक्षण कर न्यायसंगत और त्वरित निर्णय लिया जा सके। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को वृद्धावस्था पेंशन और राशन कार्ड के योग्य आवेदकों को शीघ्र लाभ दिलाने का निर्देश भी दिया। उन्होंने कहा कि कोई भी पात्र व्यक्ति तकनीकी कारणों से सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए। सम्राट चौधरी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि सहयोग शिविर के माध्यम से लोगों की समस्याओं का समाधान 30 दिनों के भीतर किया जाए।
उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी और कर्मी पूरी पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ निर्धारित समय-सीमा में जनता की समस्याओं का निष्पादन करें। उन्होंने कहा कि केवल आवेदन का निष्पादन ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह भी सुनिश्चित करना होगा कि समस्या के समाधान से जनता संतुष्ट हो।
कार्यक्रम में संबंधित विभागों के मंत्री, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, पुलिस महानिदेशक विनय कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह सहित संबंधित विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव और सचिव उपस्थित रहे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के सभी जिलों के जिलाधिकारी, वरीय पुलिस अधीक्षक, पुलिस अधीक्षक और अन्य वरीय अधिकारी भी कार्यक्रम से जुड़े रहे।
–आईएएनएस
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