कुआलालंपुर, 8 सितंबर (आईएएनएस)। मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने कहा कि दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के संगठन (आसियान) को सीमा पार फैलने वाली धुंध (ट्रांसबाउंड्री हेज) से निपटने के लिए अपनी मौजूदा व्यवस्था की समीक्षा कर उसे और प्रभावी बनाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में लगातार खराब होती वायु गुणवत्ता लोगों, खासकर बच्चों और शिशुओं के स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल रही है।
मंगलवार को प्रेस वार्ता में अनवर इब्राहिम ने कहा कि हर साल लौटने वाली धुंध की समस्या को आसियान को गंभीरता से लेना होगा। उन्होंने कहा कि संगठन के मौजूदा तंत्र को केवल कागजों तक सीमित रखने के बजाय धुंध के स्रोतों पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करनी होगी।
उन्होंने कहा, “इस व्यवस्था में सुधार की काफी गुंजाइश है। आसियान के मंत्रियों को इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार करना चाहिए, क्योंकि इसका सीधा असर लोगों की जिंदगी पर पड़ रहा है, विशेष रूप से बच्चों और नवजातों पर।”
अनवर ने बोर्नियो द्वीप के उत्तरी हिस्से में स्थित मलेशिया के सारावाक राज्य के सेरियन जिले का जिक्र करते हुए कहा कि वहां हालात बेहद चिंताजनक हैं। जिले में वायु गुणवत्ता खतरनाक स्तर पर पहुंचने के बाद आपातकाल घोषित किया गया था।
हालांकि सोमवार को आपातकाल समाप्त कर दिया गया, लेकिन मंगलवार सुबह सेरियन में एयर पॉल्यूटेंट इंडेक्स (एपीआई) फिर 302 दर्ज किया गया, जो “खतरनाक” श्रेणी में आता है। मलेशिया के वायु गुणवत्ता मानकों के अनुसार 301 या उससे अधिक एपीआई को खतरनाक माना जाता है।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि इंडोनेशिया में खुले में आग लगाने के लिए मलेशियाई कंपनियों पर लगाए जा रहे आरोपों की पहले पूरी जांच होनी चाहिए, ताकि आग लगने के वास्तविक कारणों का पता चल सके।
उन्होंने कहा कि यदि जांच में कोई मलेशियाई कंपनी धुंध फैलाने के लिए जिम्मेदार पाई जाती है, तो मलेशिया इंडोनेशियाई अधिकारियों की कार्रवाई का सम्मान करेगा और दोषी कंपनियों को बचाने के लिए कोई हस्तक्षेप नहीं करेगा।
गौरतलब है कि आसियान की स्थापना 1967 में बैंकॉक घोषणा के तहत हुई थी। वर्तमान में इसमें तिमोर-लेस्ते सहित कुल 11 सदस्य देश शामिल हैं।
