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अखिलेश यादव के ‘नीले गमछे’ पर भाजपा का हमला, रंग बदलने से दामन पर लगे दाग नहीं मिटेंगे

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लखनऊ, 8 सितंबर (आईएएनएस)। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव के नीला गमछा पहनने और पार्टी की छात्र विंग के ड्रेस कोड में बदलाव को लेकर भाजपा नेताओं ने निशाना साधा है। भाजपा नेता राकेश त्रिपाठी ने कहा कि जनता समाजवादी पार्टी लाल रंग को देखकर खतरा महसूस करती है, लेकिन रंग बदलने से उसके दामन पर लगे दाग नहीं मिटेंगे।

आईएएनएस से बातचीत में राकेश त्रिपाठी ने कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता समाजवादी पार्टी के शासनकाल को भूली नहीं है। सपा के कार्यकाल में दलितों पर अत्याचार और महिलाओं के खिलाफ अपराध जैसे गंभीर मामले सामने आए। पार्टी चाहे कितना भी रंग बदल ले, जनता उसकी असलियत को पहचानती है।

त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि सपा के शासनकाल में सनातन का अपमान किया गया। समाजवादी पार्टी अब लाल रंग से नीले रंग की ओर जा रही है और जनता इस बदलाव को समझ रही है। पीडीए के नाम पर भी परिवारवाद हावी है और अखिलेश यादव तथा डिंपल यादव के इर्द-गिर्द ही पार्टी की राजनीति केंद्रित है।

2027 के विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि खतरा देखकर गिरगिट रंग बदलता है, लेकिन समाजवादी पार्टी रंग बदलकर भी अपनी राजनीति को जनता से नहीं छिपा सकती।

सपा की ओर से जारी किए जा रहे एआई वीडियो को लेकर भाजपा नेता ने कहा कि समाजवादी पार्टी जनता के बीच जाने का साहस नहीं जुटा पा रही है, इसलिए एआई का सहारा ले रही है। उन्होंने कहा कि सपा लगातार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को निशाना बनाती है, लेकिन जनता सब कुछ देख रही है और चुनाव में इसका जवाब देगी।

भाजपा नेता दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि केवल नीले रंग के कपड़े पहनने से डॉ. भीमराव आंबेडकर के विचारों का सम्मान नहीं होता। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब का सम्मान उनके विचारों को अपनाने और व्यवहार में बदलाव लाने से होता है।

सपा के शासनकाल में कब्रिस्तानों की चारदीवारी बनाने और कारसेवकों पर गोली चलाने जैसे फैसले लिए गए। उन्होंने अखिलेश यादव को सलाह दी कि सनातन की बात करने वाले पहले अयोध्या जाकर श्रीराम मंदिर में दर्शन करें।

भाजपा नेता राहुल वाल्मीकि ने कहा कि समाजवादी पार्टी 2027 में सत्ता में आने की उम्मीद छोड़ चुकी है और इसी वजह से अलग-अलग हथकंडे अपना रही है। दलित समाज सपा की कथित मानसिकता को पहचान चुका है।

इस बीच मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय 8,000 रुपए से बढ़ाकर 12,000 रुपए प्रतिमाह और सहायिकाओं का मानदेय 6,000 रुपए से बढ़ाकर 8,000 रुपए प्रतिमाह करने की घोषणा की है।