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केरल के खेल विकास में राज्य सरकार के साथ काम करेगा केंद्र: साई

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तिरुवनंतपुरम, 9 सितंबर (आईएएनएस)। भारत सरकार ‘खेलो इंडिया’ कार्यक्रम को बढ़ावा देने की तैयारी में है। संशोधित योजना के लागू होने से केरल को खेल प्रतिभाओं की पहचान करने और खिलाड़ियों को राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करने के अधिक अवसर मिलने की उम्मीद है।

स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (साई) तिरुवनंतपुरम के रीजनल डायरेक्टर डॉ. एन. शरथ चंद्र यादव ने बुधवार को कहा कि केरल में ओलंपिक और कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत की मेडल टैली में अहम योगदान देने की क्षमता है, खासकर कैनोइंग, कयाकिंग, रोइंग और फेंसिंग जैसे खेलों में।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार केरल के स्पोर्ट्स इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार के साथ मिलकर काम करेगी। इसमें जमीनी स्तर पर टैलेंट की पहचान करने और एथलीट्स को लगातार सपोर्ट देने पर बल दिया जाएगा।

2026-31 के लिए बदली हुई खेलो इंडिया स्कीम के बारे में मीडिया से बात करते हुए शरथ चंद्र यादव ने कहा कि स्टेट स्कूल स्पोर्ट्स मीट जैसी प्रतियोगिताओं से होनहार युवाओं की पहचान की जाएगी। खेलो इंडिया प्रोग्राम से जुड़े कोच ऐसे टैलेंट को खोजने और उन्हें निखारने में अहम भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि बदली हुई स्कीम से हर जिले में कई खेलो इंडिया सेंटर बनाने में भी मदद मिलेगी।

केरल में अभी 23 खेलो इंडिया सेंटर, 1 खेलो इंडिया स्टेट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और 9 खेलो इंडिया-मान्यता प्राप्त एकेडमी हैं।

इस प्रोग्राम का दायरा 9 बड़े क्षेत्रों तक बढ़ाया गया है, जिनमें स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर, प्रतियोगिताएं और लीग, टैलेंट की पहचान, खेलो इंडिया ट्रेनिंग सुविधाएं, कोच और सपोर्ट स्टाफ का विकास, फिट इंडिया मूवमेंट और स्पोर्ट्स टेक्नोलॉजी शामिल हैं।

साई अधिकारियों की तरफ से दी गई जानकारी के अनुसार, बदली हुई स्कीम के लिए 2026-31 के दौरान 36,441 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं, जो पहले के आवंटन की तुलना में काफी ज्यादा है। इस प्रोग्राम के तहत आने वाले एथलीट्स की संख्या में भी तेजी से बढ़ोतरी होने की उम्मीद है।

बढ़ाई गई स्कीम से 9,000 खेलो इंडिया एथलीटों और 18,000 उभरते हुए खेलो इंडिया एथलीट्स को आर्थिक मदद मिलेगी। इस सपोर्ट में ट्रेनिंग, खाना, रहने की जगह, स्पोर्ट्स किट और शिक्षा जैसी चीजें शामिल होंगी।

प्रतियोगिताओं और लीग पर ज्यादा जोर देने से एथलीट्स को मुकाबला करने, अपने प्रदर्शन का आकलन करने और उच्च स्तर तक पहुंचने के और भी मौके मिलने की उम्मीद है। साई के तिरुवनंतपुरम सेंटर से उभर रही परफॉर्मेंस पाइपलाइन से इस मौके का अंदाजा लगाया जा सकता है। इस सेंटर के 29 एथलीट आने वाले आइची-नागोया एशियन गेम्स में एथलेटिक्स, फेंसिंग, साइकिलिंग, कैनोइंग, कयाकिंग और रोइंग में हिस्सा लेंगे।

शरथ चंद्र यादव ने कहा कि बदला हुआ ‘खेलो इंडिया’ प्रोग्राम केरल के स्पोर्ट्स सेक्टर को मजबूत कर सकता है, जिसमें जमीनी स्तर पर टैलेंट की खोज करने से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मुकाबला करने में सक्षम एथलीट तैयार करने तक सब शामिल है।

असिस्टेंट डायरेक्टर निमिषा पीचारा ने बदली हुई स्कीम और उससे केरल को मिलने वाले मौकों के बारे में बताया। इस मौके पर अर्जुन अवॉर्ड विजेता मोहम्मद अजमल और साजी थॉमस, साई की डिप्टी डायरेक्टर वर्षा सबले, असिस्टेंट डायरेक्टर सेल्वमनी ए और केरल ओलंपिक एसोसिएशन के प्रेसिडेंट वी. सुनील कुमार मौजूद थे।