नई दिल्ली, 9 सितंबर (आईएएनएस)। दिल्ली के सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे मामले में पटियाला हाउस कोर्ट ने गिरफ्तार तीनों आरोपियों को दो दिनों की पुलिस कस्टडी में भेज दिया।
दिल्ली पुलिस ने बिल्डिंग मालिक के बेटे महेश गुप्ता, निर्माण कार्य कराने वाले ठेकेदार सनोज और पीजी ऑपरेटर सुधांशु को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया। महेश गुप्ता की पहले की दो दिन की पुलिस कस्टडी पूरी होने के बाद उसे दोबारा अदालत में पेश किया गया।
सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने तीनों आरोपियों की पुलिस कस्टडी तीन दिन बढ़ाने की मांग की। पुलिस ने अदालत को बताया कि मामले में एक अन्य आरोपी शुभम त्यागी की गिरफ्तारी अभी बाकी है। पुलिस के अनुसार, मकान मालिक हरिराम गुप्ता ने बिल्डिंग का एक फ्लोर शुभम त्यागी को लीज पर दिया था।
सुनवाई के दौरान आरोपियों के वकील ने अदालत में कहा कि इस मामले में मीडिया ट्रायल किया जा रहा है। इस पर आपत्ति जताए जाने के बाद अदालत ने मीडिया प्रतिनिधियों को कोर्ट रूम से बाहर जाने का निर्देश दिया। इसके बाद कोर्ट रूम में केवल आरोपी और उनके वकील मौजूद रहे।
मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने तीनों आरोपियों को दो दिन की पुलिस कस्टडी में भेजने का आदेश दिया।
इससे पहले दिल्ली की एक अदालत ने सोमवार को महेश को दो दिन की पुलिस कस्टडी में भेजा था। वहीं, उर्मिला और हरिराम को मंगलवार को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था।
दिल्ली पुलिस के अनुसार, पूछताछ में महेश ने बताया कि वह अपने माता-पिता (उर्मिला और हरिराम) की ओर से इमारत के रखरखाव का काम देखता था। उन्होंने अगस्त 2025 में यह इमारत पीजी ऑपरेटर ‘हॉस्टल डेज’ को लीज पर दी थी।
एक अधिकारी ने मंगलवार को बताया कि दिल्ली पुलिस ने उत्तर प्रदेश के कासगंज से उस लेबर कॉन्ट्रैक्टर को गिरफ्तार किया, जो उस इमारत के बेसमेंट में मरम्मत का काम देख रहा था। पुलिस ने बताया कि लेबर कॉन्ट्रैक्टर को कासगंज से पकड़ा गया।
पुलिस ने बताया कि लेबर कॉन्ट्रैक्टर से शुरुआती पूछताछ में पता चला कि जिस दिन इमारत गिरी, उस दिन बेसमेंट के फर्श की मरम्मत की जा रही थी, क्योंकि पिछले आठ-दस दिनों से बारिश के मौसम में वहां कचरा जमा हो रहा था। साथ ही, कमर्शियल इस्तेमाल के लिए जगह बढ़ाने के मकसद से इमारत के ग्राउंड फ्लोर की भी मरम्मत की जा रही थी।
पुलिस ने बताया कि ‘हॉस्टल डेज’ नामक यह पांच मंजिला इमारत लड़कों के पीजी के तौर पर चल रही थी और रविवार दोपहर करीब 1.30 बजे जब यह घटना हुई, तब वहां कई छात्र मौजूद थे। इस घटना में सात लोगों की मौत हो गई थी।
