बेंगलुरु, 10 सितंबर (आईएएनएस)। कर्नाटक के मंत्री एसएस मल्लिकार्जुन और वरिष्ठ भाजपा विधायक बीपी हरीश के बीच तीखी जुबानी जंग छिड़ गई है, जिसने राज्य में नया विवाद खड़ा कर दिया है। दावणगेरे जिले के हरिहर शहर को पानी उपलब्ध कराने की किसानों की मांग को लेकर शुरू हुई बहस व्यक्तिगत और आपत्तिजनक टिप्पणियों तक पहुंच गई।
दोनों नेताओं के बयान के वीडियो बुधवार को सोशल मीडिया पर वायरल हो गए। इस घटना ने राजनीति में बढ़ते व्यक्तिगत हमलों और अभद्र भाषा के इस्तेमाल को लेकर आम लोगों के बीच भी चिंता पैदा कर दी है।
एसएस मल्लिकार्जुन, जो कर्नाटक सरकार में खान एवं भूविज्ञान तथा बागवानी मंत्री हैं, दिवंगत कांग्रेस नेता शामनूर शिवशंकरप्पा के बेटे हैं। वह दावणगेरे के प्रमुख कांग्रेस नेताओं में से एक हैं। उनकी पत्नी प्रभा मल्लिकार्जुन कांग्रेस की लोकसभा सांसद हैं, जबकि उनके बेटे समर्थ मल्लिकार्जुन दावणगेरे दक्षिण से विधायक हैं।
वहीं, बीपी हरीश भाजपा के वरिष्ठ नेता हैं और दावणगेरे जिले से भाजपा के एकमात्र विधायक हैं। वह हरिहर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं।
विवाद उस समय शुरू हुआ, जब मल्लिकार्जुन एक पशु चिकित्सालय के उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल थे। इसी दौरान एक किसान ने हरिहर शहर को पानी उपलब्ध कराने का मुद्दा उठाते हुए भाजपा विधायक हरीश का नाम लिया।
आरोप है कि इस मांग पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री मल्लिकार्जुन ने हरीश के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की। मल्लिकार्जुन की टिप्पणी के बाद राजनीतिक विवाद शुरू हो गया।
जवाब में भाजपा विधायक हरीश ने आरोप लगाया कि मंत्री मल्लिकार्जुन किसानों की समस्याओं के बजाय अपने परिवार के लिए राजनीतिक पद सुनिश्चित करने में अधिक रुचि रखते हैं। मल्लिकार्जुन अपनी पत्नी के लिए लोकसभा टिकट और अपने बेटे के लिए विधानसभा टिकट हासिल करने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि भद्रा जलाशय का पानी दक्षिण कर्नाटक के जिलों की ओर मोड़ा जा रहा है, जबकि जलाशय के अधिक निकट स्थित मध्य कर्नाटक के दावणगेरे जिले को उसका हिस्सा नहीं मिल रहा है।
हरीश ने राजनीतिक शिष्टाचार और पारिवारिक पृष्ठभूमि को लेकर मल्लिकार्जुन की टिप्पणियों का भी जवाब दिया। इसके साथ ही हरीश ने मल्लिकार्जुन के परिवार पर व्यक्तिगत आरोप लगाए और मंत्री के आचरण पर सवाल उठाए।
