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किम जोंग उन ने विदेशी मिशनों में तैनात सैनिकों को सराहा, देशभक्ति का दिया संदेश

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सोल, 10 सितंबर (आईएएनएस)। उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन ने देश के स्थापना दिवस पर विदेशी सैन्य अभियानों में तैनात अपने सैनिकों का विशेष आभार जताया और देश के प्रति निष्ठा तथा देशभक्ति की भावना मजबूत करने का संदेश दिया। उत्तर कोरिया ने बुधवार को अपना 78वां स्थापना दिवस मनाया।

योनहाप ने बताया कि उत्तर कोरिया की सरकारी समाचार एजेंसी केसीएनए के अनुसार, प्योंगयांग में आयोजित एक कार्यक्रम में किम ने देश के विकास में योगदान देने वाले श्रमिकों और सैनिकों की सराहना की। उन्होंने विदेशों में सैन्य अभियानों में शामिल कमांडरों और सैनिकों के प्रति विशेष सम्मान और आभार व्यक्त किया।

किम के बयान को रूस-यूक्रेन युद्ध में रूस की ओर से लड़ रहे उत्तर कोरियाई सैनिकों के संदर्भ में देखा जा रहा है। पश्चिमी देशों और दक्षिण कोरिया के अधिकारियों के मुताबिक, उत्तर कोरिया ने 2024 के अंत से रूस की मदद के लिए करीब 14,000 से 15,000 सैनिक भेजे हैं। दक्षिण कोरिया की राष्ट्रीय खुफिया सेवा ने फरवरी 2026 में अनुमान लगाया था कि इनमें से करीब 6,000 सैनिक मारे गए या घायल हुए हैं।

उत्तर कोरिया और रूस के बीच सैन्य संबंध पिछले दो वर्षों में तेजी से मजबूत हुए हैं। प्योंगयांग ने रूस को सैनिकों और हथियारों की आपूर्ति की है, जबकि इसके बदले उसे आर्थिक सहायता और सैन्य तकनीक मिलने की बात दक्षिण कोरियाई खुफिया आकलनों में कही गई है।

किम की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब उत्तर कोरिया और रूस अपने संबंधों को लगातार गहरा कर रहे हैं। हाल ही में दोनों देशों ने अपनी सीमा पर तुमेन नदी के ऊपर बने पहले सड़क पुल का उद्घाटन किया है। करीब एक किलोमीटर लंबे इस पुल से दोनों देशों के बीच व्यापार और लोगों की आवाजाही बढ़ने की उम्मीद है।

स्थापना दिवस के अवसर पर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भी किम जोंग उन को संदेश भेजकर दोनों देशों के बीच रणनीतिक संबंध मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई थी। पुतिन ने रूस-उत्तर कोरिया साझेदारी को क्षेत्रीय सुरक्षा और बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण बताया।

किम का सैनिकों को सार्वजनिक रूप से धन्यवाद देना उत्तर कोरिया की उस नीति को भी दर्शाता है जिसमें देश की सुरक्षा, सैन्य ताकत और राष्ट्रीय एकजुटता को प्रमुखता दी जाती है। स्थापना दिवस के संदेश में उन्होंने देश के प्रति समर्पण और देशभक्ति को आगे भी मजबूत बनाए रखने पर जोर दिया।

इस बीच, उत्तर कोरिया की सैन्य गतिविधियां भी अंतरराष्ट्रीय चिंता का विषय बनी हुई हैं। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) ने हाल में बताया कि उत्तर कोरिया ने योंगब्योन में यूरेनियम संवर्धन की नई सुविधा तैयार की है और कांगसोन परिसर में भी संवर्धन क्षमता बढ़ाई है। आईएईए ने इसे गंभीर चिंता का विषय बताते हुए कहा कि इससे उत्तर कोरिया के हथियार-ग्रेड परमाणु सामग्री के उत्पादन में वृद्धि की आशंका है।