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गोंडा हत्याकांड: कलेक्ट्रेट में गरजे मंत्री संजय निषाद, दोषी पुलिसकर्मियों के निलंबन की मांग

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गोंडा, 11 सितंबर (आईएएनएस)। निषाद पार्टी के कार्यकर्ता विनोद साहनी की हत्या के विरोध में कैबिनेट मंत्री और निषाद पार्टी के नेता संजय निषाद ने गोंडा कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। उन्होंने हत्याकांड में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, दोषी पुलिसकर्मियों के निलंबन, पीड़ित परिवार को मुआवजा और सरकारी सहायता देने की मांग की। साथ ही, उन्होंने परिवार के बेटे-बेटी में से एक को सरकारी नौकरी देने की मांग भी उठाई।

संजय निषाद ने विनोद साहनी को निषाद पार्टी का संस्थापक सदस्य, प्रचारक और विचारक बताते हुए उनके योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि साहनी समाज और पार्टी के मुद्दों को मजबूती से उठाते थे और गलत को गलत कहने में कभी संकोच नहीं करते थे। विनोद साहनी का एक प्रमुख सपना निषाद समाज को संवैधानिक सुरक्षा दिलाना था। उनके अधूरे सपनों को निषाद पार्टी आगे बढ़ाएगी।

मंत्री ने कहा कि किसी व्यक्ति द्वारा कोई आपत्तिजनक या गलत बात लिखे जाने पर लोकतांत्रिक और कानूनी प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए। किसी लिखे हुए बयान के कारण हत्या होना गलत है और मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है।

संजय निषाद ने आरोपियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि दोषियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाना चाहिए। उन्होंने मामले में कड़ी धाराओं के तहत कार्रवाई और जरूरत पड़ने पर गैंगस्टर एक्ट लगाने की मांग की। उन्होंने कहा कि पुलिस की ओर से कार्रवाई शुरू हो चुकी है और कुछ लोगों की गिरफ्तारी हुई है। साथ ही उन्होंने उन पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की, जिन पर लापरवाही या भूमिका के आरोप हैं।

मंत्री ने कहा कि पीड़ित परिवार को सरकारी सुविधाएं और आर्थिक सहायता मिलनी चाहिए। परिवार के कमाने वाले सदस्य की मौत के बाद आश्रित को सरकारी नौकरी मिलना उसका हक है। निषाद ने कहा कि मेरे लिए समाज पहले है और मंत्री पद बाद में। जहां भी निषाद समाज के लोगों के साथ अन्याय होगा, वह सड़क से सदन तक उनकी आवाज उठाते रहेंगे। सरकार की प्राथमिकता अपराध के खिलाफ कार्रवाई करना है और मुख्यमंत्री की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत पुलिस ने मामले में कार्रवाई की है।

हत्याकांड को बेहद गंभीर बताते हुए संजय निषाद ने निषाद समुदाय के लिए संवैधानिक सुरक्षा की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए समाज और नेताओं को भी जिम्मेदारी निभानी होगी। अपराधी की कोई जाति नहीं होती। अपराध करने वाले लोग समाज का माहौल खराब करते हैं और किसी अपराध को जातीय रंग नहीं दिया जाना चाहिए।