नई दिल्ली, 12 सितंबर (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर वियतनाम के अपने समकक्ष ले मिन्ह हंग से मुलाकात की।
विदेश मंत्रालय (एमईए) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी दी। बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने ब्रिक्स समिट में पार्टनर देश के तौर पर वियतनाम की भागीदारी का स्वागत किया। इस बैठक से दोनों नेताओं को द्विपक्षीय संबंधों में हुई प्रगति की समीक्षा करने का मौका मिला।
आगे कहा गया कि ये संबंध मई 2026 में वियतनाम की कम्युनिस्ट पार्टी के जनरल सेक्रेटरी और सोशलिस्ट रिपब्लिक ऑफ वियतनाम के राष्ट्रपति, तो लाम की भारत यात्रा के दौरान ‘एनहैंस्ड कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ (व्यापक रणनीतिक साझेदारी) के स्तर तक बढ़ाए गए थे। दोनों ने आपसी महत्व के कई क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया और अपनी साझेदारी को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
बयान के अनुसार, भारत और वियतनाम के बीच एक पुरानी और भरोसेमंद दोस्ती है, जो साझा सांस्कृतिक विरासत, आपसी विश्वास और समझ पर आधारित है। वियतनाम भारत की ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ का एक मुख्य स्तंभ है और दक्षिण-पूर्व एशिया के साथ भारत के व्यापक जुड़ाव में एक महत्वपूर्ण साझेदार है।
पीएम ले मिन्ह हंग 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए शनिवार को ही नई दिल्ली पहुंचे। हवाई अड्डे पर केंद्रीय मंत्री मुरलीधर मोहोल ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
विदेश मंत्रालय (एमईए) ने एक्स पोस्ट में कहा: “भारत और वियतनाम के बीच एक ‘बेहतर व्यापक रणनीतिक साझेदारी’ है, जो दोस्ती और सहयोग के लंबे समय से चले आ रहे संबंधों पर आधारित है। ये संबंध रक्षा और सुरक्षा, फिनटेक, महत्वपूर्ण खनिजों और अन्य उभरते क्षेत्रों में फैल रहे हैं। दोनों पक्ष बहुपक्षीय सहयोग पर मिलकर काम करना जारी रखे हुए हैं।”
भारत की अध्यक्षता में दो दिवसीय (12-13 सितंबर) ब्रिक्स सम्मेलन नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित किया गया है। जिसमें समूह के सदस्य देशों के अलावा साझेदार के तौर पर शामिल देशों को भी न्योता गया है।
