कोलकाता, 12 सितंबर (आईएएनएस)। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के नाम और चुनाव चिह्न को लेकर चुनाव आयोग में चल रही सुनवाई के बीच भाजपा सांसद राहुल सिन्हा ने पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग जो भी फैसला करेगा, उसे सभी पक्षों को मानना होगा।
उन्होंने दावा किया कि ममता बनर्जी के पास अब जनता का समर्थन नहीं है, जबकि भाजपा को पश्चिम बंगाल समेत देश की जनता का आशीर्वाद प्राप्त है।
भाजपा सांसद राहुल सिन्हा ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि ममता बनर्जी के साथ अब कोई नेता नहीं है और उनके कई नेता उनका साथ छोड़कर जा चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसी स्थिति में ममता बनर्जी को खुद को ‘असली’ तृणमूल कांग्रेस कहने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में जनता इस पूरे मामले का फैसला करेगी।
कोलकाता में एक घोटाले को लेकर पूछे गए सवाल पर राहुल सिन्हा ने तृणमूल कांग्रेस नेता मदन मित्रा की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि उस घोटाले में मदन मित्रा की क्या भूमिका थी, यह उनसे ही पूछा जाना चाहिए।
उन्होंने तीखा आरोप लगाते हुए कहा कि कौन चोर है और कौन ईमानदार, यह जनता के सामने स्पष्ट है। उनके मुताबिक, सभी नेता खुद को बचाने के लिए आरोप एक-दूसरे पर डालने की कोशिश कर रहे हैं।
भाजपा सांसद ने पश्चिम बंगाल में कांग्रेस, सीपीएम और टीएमसी की पिछली सरकारों पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि इन सरकारों ने बंगाली भावनाओं को पर्याप्त महत्व नहीं दिया और बंगाली संस्कृति तथा सनातन धर्म का अपमान किया।
राहुल सिन्हा ने विशेष रूप से श्यामा प्रसाद मुखर्जी का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्हें लोगों की नजरों से दूर रखने और उनकी भूमिका को भुलाने की कोशिश की गई। उन्होंने दावा किया कि भाजपा श्यामा प्रसाद मुखर्जी को सम्मान देने का काम कर रही है।
राहुल सिन्हा ने विपक्ष पर पितृ पक्ष के दौरान दुर्गा पूजा करने को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने दावा किया कि धार्मिक परंपराओं की अनदेखी और सनातन धर्म के कथित अपमान के कारण विपक्ष का राजनीतिक पतन हो रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार सनातन धर्म और संस्कृति को आगे बढ़ाने का काम कर रही है।
