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विकास कार्यों के लिए धन की कोई कमी नहीं, कोई परियोजना नहीं रुकेगी: सीएम भूपेंद्र पटेल

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गांधीनगर, 12 सितंबर (आईएएनएस)। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने शनिवार को कहा कि राज्य में विकास कार्यों के लिए धन की कोई कमी नहीं है। फंड की कमी के कारण किसी भी विकास परियोजना को रुकने नहीं दिया जाएगा।

उन्होंने राज्य की राजधानी गांधीनगर में यातायात, सड़क और शहरी बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 48.26 करोड़ रुपए के नए पैकेज की घोषणा भी की।

मुख्यमंत्री 1,848 करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि गुजरात के मजबूत वित्तीय प्रबंधन के कारण विकास कार्यों के लिए पर्याप्त धन उपलब्ध है।

उन्होंने कहा, “सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि धन की कमी के कारण कोई भी विकास कार्य बाधित न हो।”

सीएम भूपेंद्र पटेल ने बताया कि 1,848 करोड़ रुपए की परियोजनाओं में 798 करोड़ रुपए के कार्य गांधीनगर नगर निगम द्वारा और 1,050 करोड़ रुपए के कार्य सड़क एवं भवन विभाग द्वारा किए जा रहे हैं।

उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे अपने क्षेत्र की जरूरतों और लंबित विकास कार्यों की जानकारी नगर निगम को दें, ताकि आवश्यक परियोजनाओं को जल्द शुरू कर राज्य सरकार तक पहुंचाया जा सके।

सीएम भूपेंद्र पटेल ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार ने हमेशा आम आदमी और समाज के अंतिम व्यक्ति को ध्यान में रखकर विकास कार्य किए हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया गुजरात यात्रा का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि वडोदरा से राज्य को 34,000 करोड़ रुपए से अधिक की विकास परियोजनाएं मिली हैं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का कार्य मंत्र ‘नागरिक देवो भव:’ है और पिछले 25 वर्षों में लोगों ने सरकार पर जो विश्वास जताया है, उसका जवाब जनकल्याण और विकास कार्यों के जरिए दिया गया है। सरकार ने हर योजना और परियोजना के केंद्र में आम नागरिक, गरीब और अंतिम व्यक्ति को रखा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल कल्याणकारी योजनाएं बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका लाभ हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचना भी जरूरी है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में अपनाई जा रही ‘सैचुरेशन पॉलिसी’ के तहत हर पात्र लाभार्थी तक योजनाओं का 100 प्रतिशत लाभ पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने आयुष्मान भारत योजना, आवास योजना, उज्ज्वला योजना और हर घर नल से जल जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार लाभार्थियों के खुद आने का इंतजार नहीं कर रही, बल्कि उनके पास पहुंच रही है।

सीएम भूपेंद्र पटेल ने कहा कि पहले गांधीनगर में विकास कार्यों की रफ्तार धीमी थी और छोटे-छोटे कामों के लिए भी लंबा इंतजार करना पड़ता था, लेकिन अब स्थिति बदल चुकी है और नगर निगम क्षेत्र में करोड़ों रुपए की परियोजनाएं तेजी से लागू की जा रही हैं।

उन्होंने गिफ्ट सिटी का जिक्र करते हुए कहा कि एक समय इस परियोजना को लेकर लोग आश्चर्य व्यक्त करते थे, लेकिन आज यह एक वैश्विक वित्तीय केंद्र के रूप में उभर चुकी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में विकास के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। उन्होंने कहा, “पर्यावरण की कीमत पर सतत विकास संभव नहीं है।”

उन्होंने बताया कि पर्यावरण संरक्षण और जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए वृक्षारोपण, झीलों को आपस में जोड़ने, झीलों को जल से भरने और रिचार्ज बोरवेल जैसी पहलें की जा रही हैं। गांवों तक पुस्तकालय सुविधाओं का विस्तार भी किया जा रहा है।

उन्होंने कहा, “जहां पुस्तकालय होते हैं वहां ज्ञान बढ़ता है और जहां ज्ञान बढ़ता है वहां विकास की गति भी तेज होती है।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि नई परियोजनाओं से गांधीनगर में यातायात और शहरी सुविधाएं और बेहतर होंगी।

उन्होंने भाट-कोटेश्वर क्रॉसिंग पर अंडरपास के लिए 20.76 करोड़ रुपए, रक्षा शक्ति सर्कल से गिफ्ट सिटी-शाहपुर की ओर साबरमती पुल के सुदृढ़ीकरण के लिए 12.80 करोड़ रुपए, गिफ्ट सिटी से पीडीपीयू तक जंक्शन और सड़क विकास के लिए 7.70 करोड़ रुपए तथा रक्षा शक्ति सर्कल और गिफ्ट सिटी सर्कल के बीच सड़क सुरक्षा एवं पेवर कार्यों के लिए 7 करोड़ रुपए की घोषणा की।

इस दौरान उन्होंने ‘पीएम-ईबस सेवा’ के तहत शुरू की गई करीब 30 नई इलेक्ट्रिक बसों को भी हरी झंडी दिखाई। मुख्यमंत्री ने उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी, विधायकों, महापौर और नगर निगम पदाधिकारियों के साथ एक ई-बस में यात्रा भी की।