नई दिल्ली, 12 सितंबर (आईएएनएस)। चीन अगले साल ब्रिक्स की अध्यक्षता संभालेगा और 19वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने शनिवार को इसकी घोषणा की। उन्होंने कहा कि चीन इस अवसर का इस्तेमाल सभी पक्षों के साथ आम सहमति बनाने और भविष्य की योजना तैयार करने के लिए करेगा।
चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बयान को साझा करते हुए कहा कि चीन सभी देशों के साथ मिलकर ब्रिक्स सहयोग के तीसरे स्वर्णिम दशक की शुरुआत करेगा।
शी जिनपिंग ने मध्य-पूर्व की स्थिति पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में जारी युद्ध ने सभी देशों के लोगों को गंभीर नुकसान पहुंचाया है और यह अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साझा हितों के खिलाफ है।
चीनी राष्ट्रपति ने संबंधित पक्षों से राजनीतिक समाधान की दिशा में आगे बढ़ने और स्थायी एवं व्यापक युद्धविराम के लिए प्रयास करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि चीन अन्य ब्रिक्स देशों के साथ मिलकर मध्य-पूर्व में शांति और स्थिरता कायम करने में अपनी उचित भूमिका निभाएगा।
चीन की ओर से यह घोषणा ऐसे समय में हुई है, जब 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में नेताओं ने बढ़ते वैश्विक ध्रुवीकरण और अविश्वास पर चिंता जताते हुए शांति एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए राजनीतिक और कूटनीतिक उपायों को मजबूत करने का आह्वान किया है।
नई दिल्ली में शनिवार को अपनाई गई ‘2026 नई दिल्ली घोषणा’ में ब्रिक्स नेताओं ने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में ध्रुवीकरण और अविश्वास बढ़ रहा है। नेताओं ने अंतरराष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा मजबूत करने के लिए वैश्विक स्तर पर सामूहिक प्रयासों की जरूरत पर जोर दिया।
घोषणा में कहा गया कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को मौजूदा चुनौतियों और उनसे जुड़े सुरक्षा खतरों से निपटने के लिए राजनीतिक एवं कूटनीतिक उपायों का सहारा लेना चाहिए, ताकि संघर्ष की संभावनाओं को कम किया जा सके। साथ ही, संघर्षों की मूल वजहों को दूर करने सहित उन्हें रोकने के प्रयासों पर भी जोर दिया गया।
ब्रिक्स नेताओं ने कहा कि सभी देशों की सुरक्षा एक-दूसरे से जुड़ी और अविभाज्य है। उन्होंने संवाद, परामर्श और कूटनीति के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय विवादों के शांतिपूर्ण समाधान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
घोषणा में क्षेत्रीय संगठनों की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया गया और संघर्षों की रोकथाम एवं समाधान में उनके सक्रिय योगदान को प्रोत्साहित किया गया। नेताओं ने संकटों के शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में किए जा रहे सभी प्रयासों का समर्थन किया।
चीन की अगले साल की अध्यक्षता को लेकर शी जिनपिंग का बयान ऐसे समय में आया है, जब ब्रिक्स समूह वैश्विक शांति, सुरक्षा, बहुपक्षीय सहयोग और विकास से जुड़े मुद्दों पर अपनी भूमिका को और मजबूत करने की कोशिश कर रहा है।
