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मोदी स्टोरी: पुतिन को तिरुक्कुरल भेंट कर पीएम मोदी ने दुनिया के सामने रखा भारतीय विरासत का गौरव

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नई दिल्ली, 12 सितंबर (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से शुक्रवार को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को तिरुक्कुरल का रूसी अनुवाद भेंट किया जाना, भारतीय विरासत और संस्कृति को वैश्विक मंच पर पहुंचाने के उनके प्रयासों की एक और मिसाल है।

प्रधानमंत्री मोदी की पहल और कार्यों को सामने लाने वाले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘मोदी स्टोरी’ ने शनिवार को एक पोस्ट में कहा कि यह पहली बार नहीं है, जब प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय संस्कृति को वैश्विक स्तर पर पहुंचाने का प्रयास किया है।

पोस्ट में पुतिन को तिरुक्कुरल का रूसी संस्करण भेंट किए जाने का उल्लेख करते हुए कहा गया कि यह महान तमिल संत और दार्शनिक तिरुवल्लुवर की कालजयी रचना के शाश्वत ज्ञान को भाषाओं और सीमाओं के पार पहुंचाने का प्रयास है।

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए भारत आए हैं। सम्मेलन इस समय नई दिल्ली में आयोजित हो रहा है।

तिरुक्कुरल तमिल साहित्य और दर्शन की एक कालजयी कृति है, जिसमें नैतिकता, राजनीति और प्रेम जैसे विषयों पर विचार प्रस्तुत किए गए हैं। इसके रचयिता तिरुवल्लुवर को वल्लुवर के नाम से भी जाना जाता है।

‘मोदी स्टोरी’ की पोस्ट में साहित्य अकादमी के पूर्व सचिव के. श्रीनिवासन के बयान का हवाला देते हुए कहा गया कि 2019 में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने 10 आधुनिक भारतीय कृतियों का रूसी, चीनी और अंग्रेजी भाषाओं में अनुवाद कराने की पहल की थी, ताकि क्षेत्रीय साहित्य को वैश्विक पाठकों तक पहुंचाया जा सके।

श्रीनिवासन ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय संस्कृति, साहित्य और भाषाओं के लिए वैश्विक मंच पर जगह बनाई है। उन्होंने कहा कि देश में उत्कृष्ट साहित्यिक रचनाएं हो रही हैं, लेकिन उन्हें दुनिया के सामने प्रस्तुत करने में कठिनाई होती रही है।

उन्होंने बताया कि 2020 में विदेश मंत्रालय और संस्कृति मंत्रालय से संपर्क कर तीन भाषाओं में अनुवाद के लिए 10 पुस्तकों की सूची तैयार की गई। कोविड-19 महामारी के दौरान भारत की अध्यक्षता में आयोजित एससीओ शिखर सम्मेलन वर्चुअल माध्यम से हुआ और इसी दौरान इन पुस्तकों का विमोचन किया गया।

श्रीनिवासन ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने तब इस बात पर जोर दिया था कि भारत ने वह लक्ष्य हासिल किया है, जिसे लेकर उन्होंने पहल की थी। उन्होंने कहा कि यह इस बात को दर्शाता है कि प्रधानमंत्री अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारतीय साहित्य और भारतीय भाषाओं को लेकर कितने गंभीर हैं।

पोस्ट में यह भी याद दिलाया गया कि दिसंबर 2025 में राष्ट्रपति पुतिन की भारत यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें भगवद्गीता का रूसी संस्करण भी भेंट किया था।

‘मोदी स्टोरी’ ने प्रधानमंत्री मोदी की इस पहल को भारतीय सांस्कृतिक कूटनीति का उदाहरण बताते हुए कहा कि इसके जरिए भारतीय विरासत को वैश्विक मंच पर प्रमुखता से प्रस्तुत किया जा रहा है।