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जाकिर नाइक के प्रत्यर्पण पर भारत से चर्चा हुई, मलेशियाई पीएम अनवर इब्राहिम ने की पुष्टि

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नई दिल्ली, 12 सितंबर (आईएएनएस)। मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने शनिवार को पुष्टि की कि नई दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान भारत के साथ हुई बातचीत में भगोड़े इस्लामिक उपदेशक जाकिर नाइक के प्रत्यर्पण का मुद्दा भी उठा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ शनिवार सुबह हुई बैठक के बाद एनडीटीवी को दिए एक विशेष साक्षात्कार में अनवर इब्राहिम ने कहा, “निजी बातचीत में यह मुद्दा निश्चित रूप से उठा। हमने दोनों देशों के हितों की रक्षा के लिए इसे निजी ही रखा। लेकिन आपसी विश्वास और रिश्तों को मजबूत करने की प्राथमिकता सूची में यह मुद्दा शामिल है।”

उन्होंने कहा कि मलेशिया को प्रत्यर्पण के मामले में कानून के शासन का पालन करना होगा।

इब्राहिम ने कहा, “हमें भारत की प्रत्यर्पण मांग की समझ है, लेकिन इस मामले में बहुत सावधानी से आगे बढ़ना होगा। कानून के शासन और दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों के महत्व का सम्मान करना जरूरी है।”

भारत में जाकिर नाइक के खिलाफ हेट स्पीच और मनी लॉन्ड्रिंग समेत कई मामलों में जांच चल रही है। वह 2016 में भारत छोड़कर मलेशिया चला गया था, जब भारतीय एजेंसियों ने उसके और उसके नेटवर्क, जिसमें इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन और पीस टीवी शामिल हैं, के खिलाफ जांच शुरू की थी। बाद में उसे मलेशिया में स्थायी निवास (परमानेंट रेजिडेंसी) मिल गई।

भारत ने जाकिर नाइक के प्रत्यर्पण के लिए औपचारिक अनुरोध मलेशिया को भेज रखा है। मलेशिया का कहना रहा है कि वह स्थापित कानूनी प्रक्रिया के तहत इस मामले में सहयोग करेगा।

साक्षात्कार के दौरान अनवर इब्राहिम ने केरल के इस्लामिक धर्मगुरु कंथापुरम ए.पी. अबूबकर मुसलियार की हालिया विवादित टिप्पणी पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि वह मुसलियार के उन विचारों से सहमत नहीं हैं, जिनमें महिलाओं को घर तक सीमित रहने और सार्वजनिक जीवन में भागीदारी नहीं करने की बात कही गई थी।

अनवर इब्राहिम रविवार को कोझिकोड में मुसलियार से मुलाकात करने वाले हैं। उन्होंने कहा कि वह उनसे सीधे कहेंगे कि मलेशिया में महिलाओं को समान अधिकार प्राप्त हैं। उन्होंने बताया कि मलेशिया के विश्वविद्यालयों में छात्राओं की संख्या अधिक है और उनकी पत्नी स्वयं एक डॉक्टर हैं। उन्होंने कहा कि उनकी बेटियों सहित सभी बच्चों को शिक्षा और स्वतंत्रता के समान अवसर दिए गए हैं।