नई दिल्ली, 12 सितंबर (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि ब्रिक्स सहयोग से संचालित है और अधिक समावेशी और समृद्ध दुनिया को आकार देने के लिए प्रतिबद्ध है।
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ब्रिक्स नेताओं के साथ तस्वीर साझा करते हुए लिखा, “एक ऐसा ब्रिक्स जो सहयोग से संचालित है और अधिक समावेशी और समृद्ध दुनिया को आकार देने के लिए प्रतिबद्ध है। दिल्ली शिखर सम्मेलन 2026 के दौरान ब्रिक्स नेताओं के साथ।”
विदेश मंत्रालय ने इसे ‘एकता और साझा उद्देश्य का क्षण’ बताया। मंत्रालय ने एक्स पर ब्रिक्स नेताओं की तस्वीर साझा करते हुए लिखा, “नई दिल्ली में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में ब्रिक्स नेताओं के एक साथ आने पर एकता और साझा उद्देश्य का क्षण।”
पीएम मोदी और अन्य ब्रिक्स सदस्य देशों के नेताओं ने एक संयुक्त पौधरोपण पहल में भी भाग लिया।
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा, मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी, अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नहयान, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन, इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबिय अहमद अली और ब्राजील के विदेश मंत्री माउरो विएरा ने पौधरोपण पहल में पीएम मोदी के साथ हिस्सा लिया।
सभी नेताओं ने भारत मंडपम के लॉन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान पारंपरिक फैमिली फोटो के लिए पोज भी दिया। इससे पहले दिन में ब्रिक्स सदस्य देशों के नेताओं ने भारत मंडपम में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के ‘समावेशी वैश्विक शासन और बहुपक्षवाद को मजबूत करने’ पर आयोजित सत्र में हिस्सा लिया।
भारत नई दिल्ली में दो दिवसीय ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है, जिसमें सदस्य और भागीदार देशों के नेता और आउटरीच आमंत्रित देश एक साथ आए हैं।
पीएम मोदी ने 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में नई दिल्ली घोषणापत्र 2026 को सर्वसम्मति से अपनाने की घोषणा की और ब्रिक्स के 20 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में दो डाक टिकट भी जारी किए।
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के ‘समावेशी वैश्विक शासन और बहुपक्षवाद को मजबूत करने’ पर आयोजित सत्र में अपने समापन भाषण में पीएम मोदी ने कहा, “आज अपनाया गया नई दिल्ली घोषणापत्र हमारे साझा संकल्प को स्पष्ट दिशा देता है। अब यह हमारी जिम्मेदारी है कि इन संकल्पों को ठोस परिणामों में बदलें।”
