मुंबई, 13 सितंबर (आईएएनएस)। मध्य-पश्चिम भारत में इजरायल के महावाणिज्य दूत यानिव रेवाच ने ब्रिक्स में भारत की भूमिका और भारत-इजरायल संबंधों को लेकर बड़ा बयान दिया है। रेवाच ने मुंबई में साइबर प्रोजेक्ट लॉन्च और हाइफा के अदाणी पोर्ट पर छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा स्थापित करने के प्रोजेक्ट का भी जिक्र किया।
मध्य-पश्चिम भारत में इजरायल के महावाणिज्य दूत यानिव रेवाच ने कहा, “मुझे लगता है कि यह बहुत महत्वपूर्ण है कि भारत एक वैश्विक शक्ति के रूप में ब्रिक्स जैसे विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मंचों का हिस्सा है। भारत संतुलन बनाए रखने की कोशिश कर रहा है और इन मंचों के माध्यम से सहयोग को बढ़ावा देने के मामले में बहुत व्यावहारिक है।”
उन्होंने कहा कि सबसे पहले यह भारत के लिए एक शानदार अवसर है और दूसरा, जब भारत और इजरायल की बात आती है तो मैं कुछ कहना चाहता हूं। सबसे पहले, भारत ईरान जैसे देशों के साथ ब्रिक्स का हिस्सा है। साथ ही भारत अभी संतुलन बनाए रखने और इजरायल और यूएई जैसे देशों के साथ बहुत मजबूत रणनीतिक सहयोग को जारी रखने की कोशिश कर रहा है।
इजरायली महावाणिज्य दूत ने कहा कि सबसे अच्छा प्रोजेक्ट साइबर प्रोजेक्ट है, जो अगले साल के मार्च में यहां लॉन्च होने वाला है। मुझे लगता है कि मुंबई को साइबर तकनीक, एआई और क्वांटम टेक्नोलॉजी का हब बनाने का यह एक शानदार तरीका है, लेकिन मेरे लिए सबसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट जैसा कि आप जानते हैं छत्रपति शिवाजी महाराज का स्मारक है, जिसे हम इजरायल में बनाने जा रहे हैं। मुझे खुशी है कि हम मुख्यमंत्री कार्यालय के साथ बहुत करीब से काम कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि वह इस प्रोजेक्ट के बड़े समर्थक हैं। हम अब जेजे स्कूल ऑफ आर्किटेक्चर के साथ मूर्ति को डिजाइन करने के लिए समझौते को अंतिम रूप दे रहे हैं। यह प्रतिमा हाइफा में अदाणी पोर्ट पर लगाई जाएगी। यह भारत और इजरायल के बीच एक सुंदर संबंध भी है क्योंकि इजरायल में हमारा एक भारतीय बंदरगाह है।
यानिव रेवाच ने बताया कि हाइफा एक बहुत ही महत्वपूर्ण शहर भी है क्योंकि, भारत की तरह, आप हाइफा में विविधता देखते हैं। आप मुस्लिम, ईसाई, यहूदी और द्रूज को एक ही समुदाय में एक साथ रहते हुए देखते हैं। हाइफा वह जगह भी है जहां प्रथम विश्व युद्ध में इजरायल में लड़े भारतीय सैनिकों की कब्रगाह स्थित है। इसलिए, मुझे लगता है कि यह बहुत प्रतीकात्मक है कि मूर्ति वहां होगी।
महावाणिज्य दूत यानिव रेवाच ने कहा, “इजरायल ब्रिक्स का हिस्सा नहीं है, लेकिन हम समझते हैं कि यह एक बहुत महत्वपूर्ण गठबंधन है। यह पश्चिमी गठबंधन नहीं है, जिस पर जोर देना भी बहुत जरूरी है। यह वास्तव में अंतरराष्ट्रीय सहयोग के लिए एक अच्छा मंच है। हम इसके महत्व को समझते हैं और हम यह भी देखते हैं कि इस साल भारत ब्रिक्स का अध्यक्ष है और ग्लोबल साउथ देशों के लिए उसकी आवाज और मजबूत है।”
