नई दिल्ली, 14 सितंबर (आईएएनएस)। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की घोषणा का स्वागत किया है। विहिप के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने सोमवार को कहा कि यह निर्णय भारत में लैंगिक असमानता और भेदभाव को मिटाकर महिला व बाल अधिकारों के विकास में एक मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने गैर-भाजपा शासित राज्यों से भी यूसीसी लागू करने की अपील की।
विहिप प्रवक्ता विनोद बंसल ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “5 राज्यों में लागू हो चुका है तथा तीन राज्य इस प्रक्रिया में हैं, किंतु इसी बीच 2029 तक संपूर्ण भारत के भाजपा शासित राज्यों में समान नागरिक संहिता लागू करने संबंधी केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का बयान स्वागत योग्य है।”
उन्होंने आगे लिखा, “यह निर्णय भारत में शेष बची लैंगिक असमानता तथा भेदभाव को मिटाकर महिला और बाल अधिकारों के विकास में भी एक मील का पत्थर साबित होगा।”
विनोद बंसल ने मोदी सरकार का साधुवाद करते हुए कहा, “समान नागरिक संहिता के माध्यम से देश की आधी आबादी के बड़े हिस्से के वंचित वर्ग को पिछले 75 वर्षों में जो अधिकार नहीं मिल पाए थे वे उन्हें मिल सकेंगे तथा कट्टरपंथियों और अलगाववादियों के चंगुल से महिलाओं और बच्चों को मुक्ति मिल सकेगी।”
‘एक्स’ पोस्ट में विनोद बंसल ने कहा कि गैर-भाजपा शासित शेष राज्य सरकारों को भी इस मामले में पहल करनी चाहिए।
इससे पहले, रविवार को गृह मंत्री अमित शाह ने घोषणा की कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) द्वारा शासित सभी 21 राज्यों में वर्ष 2029 से पहले समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू की जाएगी। उन्होंने कहा कि इसे चरणबद्ध तरीके से लागू करने के लिए आवश्यक प्रयास किए जाएंगे।
शाह ने कहा कि कई राज्यों में यूसीसी पहले ही लागू किया जा चुका है और अब भाजपा-एनडीए शासित सभी राज्यों में इसे लागू करने की दिशा में काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि 2029 से पहले यह प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।
