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‘वंदे मातरम’ भारत की आत्मा और प्राण है, गणेश उत्सव में होगा 50,000 करोड़ का कारोबार : प्रवीण खंडेलवाल

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नई दिल्ली, 14 सितंबर (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी), ‘वंदे मातरम’ के गायन, गणेश उत्सव से होने वाले कारोबार और पश्चिम बंगाल के मदरसों से जुड़े मुद्दे पर पार्टी का पक्ष रखा। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के 2029 से पहले एनडीए शासित सभी 21 राज्यों में यूसीसी लागू करने के बयान को भाजपा की प्रतिबद्धता बताया।

यूसीसी को लेकर भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि यह भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एजेंडे का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पार्टी की प्रतिबद्धता को स्पष्ट रूप से दोहराया है। अमित शाह अपने वादे के पक्के हैं और यदि उन्होंने 2029 से पहले एनडीए के सभी 21 राज्यों में यूसीसी लागू करने की बात कही है तो निश्चित रूप से इसे लागू किया जाएगा। उन्होंने इसे भाजपा के एजेंडे और सरकार की प्रतिबद्धता से जोड़ते हुए कहा कि पार्टी इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए पूरी तरह तैयार है।

भारत और अफगानिस्तान के बीच टी20 मैच से पहले राष्ट्रगान से पूर्व ‘वंदे मातरम’ के गायन पर भी खंडेलवाल ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि ‘वंदे मातरम’ भारत की आत्मा और प्राण है। उनके अनुसार, स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान हजारों लोगों ने ‘वंदे मातरम’ गाते हुए देश की आजादी के लिए बलिदान दिया।

उन्होंने कहा कि ‘वंदे मातरम’ का गायन लोगों में शौर्य, अस्मिता और स्वाभिमान की भावना पैदा करता है। उन्होंने कहा कि क्रिकेट का मैदान हो, संसद का सत्र हो या विधानसभा का सत्र ‘वंदे मातरम’ का गायन लोगों में अभिमान और स्वाभिमान भरता है।

गणेश चतुर्थी के मौके पर खंडेलवाल ने त्योहार के आर्थिक पहलू का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि देशभर में 10 दिनों तक चलने वाले गणेश उत्सव में करोड़ों लोग घरों में भगवान गणेश की मूर्तियां स्थापित करते हैं और बड़ी संख्या में पंडाल लगाए जाते हैं।

उन्होंने दावा किया कि इस दौरान देशभर में करीब 50,000 करोड़ रुपये का कारोबार होने का अनुमान है। इस कारोबार में भारत में निर्मित उत्पादों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि गणेश उत्सव से छोटे कारीगरों, शिल्पकारों और मूर्ति बनाने वाले लोगों को भी आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद है।

पश्चिम बंगाल के मंत्री दिलीप घोष के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए खंडेलवाल ने कहा कि मदरसों में शिक्षा के अलावा भी कई गतिविधियां होने की बात सामने आई थी और कुछ मामलों में मदरसा संचालकों के ऐसी गतिविधियों में शामिल पाए जाने का दावा किया गया है।

उन्होंने कहा कि दिलीप घोष का बयान गंभीर है और पश्चिम बंगाल सरकार को पूरे मामले की जांच करनी चाहिए। उन्होंने इस मुद्दे पर तथ्य सामने लाने और स्थिति स्पष्ट करने की जरूरत बताई।