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बिहार: हर जिले में बनेगा उसना चावल, खरीफ सीजन 2026-27 की तैयारी शुरू

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पटना, 15 सितंबर (आईएएनएस)। राज्य सरकार ने खरीफ विपणन मौसम 2026-27 में उसना चावल तैयार करने का फैसला लिया है। राज्य के हर जिले में अधिकतम संभव मात्रा में उसना चावल तैयार किया जाएगा। इसके लिए खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है।

खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार किसानों से धान की सुगम एवं पारदर्शी अधिप्राप्ति के लिए व्यवस्था को लगातार सुदृढ़ कर रही है। खरीफ विपणन मौसम 2026-27 में राज्य के प्रत्येक जिले में अधिकतम संभव मात्रा में उसना चावल तैयार करने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए हैं।

उन्‍होंने आगे कहा कि तकनीक के प्रभावी उपयोग से अधिप्राप्ति, मिलिंग और परिवहन की निगरानी को और अधिक मजबूत किया जाएगा। मिलों की विद्युत खपत की सीधी निगरानी और जीपीएस आधारित परिवहन व्यवस्था से पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी। सभी चावल मिल संचालकों से अपील है कि निर्धारित अवधि में निबंधन कराकर अधिप्राप्ति कार्य की तैयारियां पूरी करें।

खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा जारी सूचना के मुताबिक, खरीफ विपणन मौसम 2026-27 में धान अधिप्राप्ति कार्यक्रम में शामिल होने के इच्छुक चावल मिलरों का ऑनलाइन निबंधन शुरू हो गया है। बिहार राज्य खाद्य एवं असैनिक आपूर्ति निगम द्वारा जारी आधिकारिक पोर्टल पर 16 अगस्त से निबंधन प्रक्रिया प्रारंभ की गई है। निबंधन की अंतिम तिथि 15 अक्टूबर निर्धारित की गई है।

विभाग ने राज्य के सभी चावल मिल संचालकों से अपील की है कि वे आगामी अधिप्राप्ति के लिए उसना चावल तैयार करने की सभी आवश्यक तैयारियां समय रहते पूरी कर लें और निर्धारित अवधि में निबंधन करा लें।

इस बार धान की मिलिंग करने वाले मिलों के लिए कार्यकारी विद्युत संयोजन अनिवार्य कर दिया गया है। मिलों द्वारा विद्युत खपत की मासिक सूचना विद्युत वितरण कंपनियों से सीधे प्राप्त की जाएगी।

पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी भारत सरकार द्वारा धान एवं चावल का परिवहन करने वाले वाहनों का ऑनलाइन निबंधन, सत्यापन और जीपीएस ट्रैकिंग अनिवार्य किया गया है। धान एवं चावल की ढुलाई केवल जीपीएस युक्त वाहनों से ही की जाएगी। वाहनों के दस्तावेजों का सत्यापन भारत सरकार के वाहन सारथी पोर्टल के माध्यम से होगा। इसके लिए मिलरों के मिल परिसर को जियो फेंसिंग के अंतर्गत लाया जाएगा और वाहनों की जीपीएस ट्रैकिंग बिहार राज्य खाद्य निगम में व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम (वीटीएस) के माध्यम से की जाएगी।