मुंबई, 16 सितंबर (आईएएनएस)। भाजपा विधायक राम कदम ने दिशा सालियान मौत मामले में संजय राउत द्वारा दिए गए बयान पर पलटवार किया। इसके साथ ही आरोप लगाया कि उद्धव ठाकरे के मुख्यमंत्री रहने के दौरान जानबूझकर इस मामले को दबाया गया था।
दिशा सालियान मौत मामले में सीबीआई द्वारा एफआईआर दर्ज करने पर शिवसेना (यूबूटी) सांसद संजय राउत ने बालासाहेब ठाकरे के परिवार को बदनाम करने की राजनीतिक साजिश करार दिया है। संजय राउत के इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा विधायक राम कदम ने कहा, “संजय राउत को कम से कम अपना बचाव करने के लिए ऐसे तर्क देने चाहिए जिनका कोई आधार हो। उस समय आप गहरी नींद में सो रहे थे, जब दिशा के पिता बार-बार कह रहे थे कि उनकी बेटी ने आत्महत्या नहीं की थी, बल्कि परेशान किए जाने के बाद उसकी हत्या कर दी गई थी? उस समय आप जांच कराने को तैयार नहीं थे और आपकी पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी थी।”
राम कदम ने कहा, “सामने आए एक स्टिंग ऑपरेशन में पोस्टमार्टम के समय मौजूद एक कर्मचारी ने बताया कि दिशा के शरीर पर खरोंच के निशान थे। इन सारी बातों को जानबूझकर छिपाया गया। उस दिन उस पार्टी में कौन-कौन शामिल थे, ये भी नहीं पता चला। यहां तक कि दिशा के पिता द्वारा बार-बार सीबीआई जांच करने की मांग को भी ठुकरा दिया था। अब कोर्ट ने सीबीआई जांच के आदेश दिए तो आपको (संजय राउत) मिर्ची लग गई।”
मराठा आरक्षण की मांग को लेकर मराठा एक्टिविस्ट मनोज जरांगे पाटिल के मुंबई में प्रस्तावित मार्च के लिए मुंबई पुलिस द्वारा अनुमति न दिए जाने पर भाजपा विधायक राम कदम ने कहा, “हर किसी को विरोध करने का अधिकार है। जरांगे ने पहले भी विरोध किया है और भविष्य में भी कर सकते हैं लेकिन विरोध का समय बहुत महत्वपूर्ण है। अभी, देशभर से लाखों लोग लालबागचा राजा और सिद्धिविनायक के दर्शन के लिए मुंबई आए हैं। क्या मुंबई में मराठा नहीं रहते? ऐसे समय में जब लोग सड़कों पर हैं, अगर कोई विरोध प्रदर्शन होता है, तो क्या इससे ट्रैफिक पर असर नहीं पड़ेगा और यहां रहने वाले लोगों की भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचेगी।”
