कोलंबो, 16 सितंबर (आईएएनएस)। श्रीलंका के मन्नार में डिस्ट्रिक्ट जनरल हॉस्पिटल में दो-मंजिला ‘एक्सीडेंट और इमरजेंसी यूनिट’ (दुर्घटना एवं आपातकाल इकाई) का निर्माण बुधवार को भारत सरकार से मिली आर्थिक मदद से शुरू हुआ।
इस यूनिट के शिलान्यास कार्यक्रम में श्रीलंकाई राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके, श्रीलंका के स्वास्थ्य और जनसंचार मंत्री नलिंदा जयतिस्सा और श्रीलंका में भारत के उच्चायुक्त संतोष झा मौजूद थे। भारतीय उच्चायोग के अनुसार, इस प्रोजेक्ट को 600 मिलियन श्रीलंकाई रुपये (एसएलआर) की भारतीय ग्रांट मिली है।
उच्चायुक्त झा ने एक्स पोस्ट के जरिए इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया, “हेल्थकेयर को मजबूत करना और लोगों की जान बचाने की मुहिम! मन्नार के डिस्ट्रिक्ट जनरल हॉस्पिटल में नई दो-मंजिला एक्सीडेंट और इमरजेंसी यूनिट की आधारशिला कार्यक्रम में महामहिम राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके और माननीय स्वास्थ्य और जनसंचार मंत्री नलिंदा जयतिस्सा के साथ शामिल होकर खुशी हुई।”
उन्होंने आगे कहा, “600 मिलियन एसएलआर की भारतीय ग्रांट से तैयार हो रहा यह प्रोजेक्ट यूनिट को जरूरी मेडिकल उपकरण भी उपलब्ध कराएगा, जिससे सबसे जरूरी ‘गोल्डन आवर’ के दौरान समय पर इमरजेंसी देखभाल सुनिश्चित हो सकेगी।”
झा ने इस प्रोजेक्ट को भारत और श्रीलंका के बीच लंबे समय से चली आ रही साझेदारी और लोगों पर केंद्रित विकास के लिए दोनों देशों की साझा प्रतिबद्धता का “सच्चा प्रमाण” बताया।
4 सितंबर को, झा ने पोलोन्नारुवा में श्रीलंकाई संसद के स्पीकर जगत विक्रमरत्ने और आवास, निर्माण और जल आपूर्ति उप मंत्री टी बी सरथ के साथ 21वें मॉडल विलेज ‘सुहादागामा’ का उद्घाटन किया था।
झा ने एक्स पोस्ट में लिखा, “पोलोन्नारुवा में श्रीलंका की संसद के माननीय स्पीकर डॉ. जगत विक्रमरत्ने और आवास, निर्माण और जल आपूर्ति के माननीय उप मंत्री श्री टी बी सरथ के साथ 21वें मॉडल विलेज ‘सुहादागामा’ का उद्घाटन किया। भारत की ग्रांट से चल रहा मॉडल विलेज प्रोजेक्ट श्रीलंका के सभी 25 जिलों में फैला हुआ है। यह जमीनी स्तर पर सार्थक प्रगति लाने में भारत-श्रीलंका साझेदारी की मजबूती को दिखाता है।”
पिछले महीने, संतोष झा और भारत में श्रीलंका की हाई कमिश्नर महिशिनी कोलोन ने इंडिया-श्रीलंका फाउंडेशन (आईएसएलएफ) पहलों की समीक्षा की और अलग-अलग क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को और सुदृढ़ करने के लिए नए प्रोजेक्ट प्रस्तावों पर विचार किया।
दोनों अधिकारियों ने 28 अगस्त को नई दिल्ली में इंडिया-श्रीलंका फाउंडेशन (आईएसएलएफ) की 41वीं बोर्ड बैठक की सह-अध्यक्षता करते हुए कामकाज की समीक्षा की।
आईएसएलएफ भारत और श्रीलंका की सरकारों द्वारा बनाया गया एक ट्रस्ट फंड है। यह आर्थिक, वैज्ञानिक, शैक्षिक, तकनीकी और सांस्कृतिक सहयोग को बढ़ावा देकर दोनों देशों के बीच संबंध प्रगाढ़ करने वाले प्रोजेक्ट्स के लिए फंड मुहैया कराता है। इस फाउंडेशन की स्थापना 1998 में भारत और श्रीलंका की सरकारों के बीच हुए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) के तहत की गई थी।
