मुंबई, 16 सितंबर (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के सांस्कृतिक मामलों के मंत्री आशीष शेलार ने बुधवार को मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे पाटिल से अपील की कि वे गणेशोत्सव और गौरी उत्सव के दौरान मुंबई तक प्रस्तावित मार्च को रद्द कर दें।
बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने सभी संबंधित लोगों से अपील की कि वे सुनिश्चित करें कि पूरे राज्य में, खासकर मुंबई और पुणे में, त्योहारों के मौसम के दौरान नागरिकों को किसी भी तरह की परेशानी या असुविधा का सामना न करना पड़े।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और सुनेत्रा पवार के नेतृत्व वाली महायुति सरकार बातचीत के जरिए मराठा आरक्षण से जुड़े सभी लंबित मुद्दों को सुलझाने के लिए पूरी तरह तैयार है। मराठा समुदाय की 14 प्रमुख मांगों में से 13 पहले ही पूरी की जा चुकी हैं, और राधाकृष्ण विखे पाटिल की अध्यक्षता वाली कैबिनेट की एक उप-समिति बाकी मुद्दों पर सक्रिय रूप से काम कर रही है।
मंत्री शेलार ने कहा कि महायुति सरकार ने कई कदम उठाए हैं, जिनमें मराठा आरक्षण के लिए विशेष कानून, एसईबीसी कोटा लागू करना, ईडब्ल्यूएस के तहत अवसर देना और कोर्ट में कोटे का बचाव करने के लिए मजबूत कानूनी प्रतिनिधित्व शामिल है।
सरकार ने जाति प्रमाण पत्र की प्रक्रिया और सत्यापन को आसान बनाया है, दस्तावेजों से जुड़े नियमों को सरल किया है और एक समर्पित आयोग का गठन किया है। सरकार ने चुने गए उम्मीदवारों की नियुक्तियों को सुरक्षित रखने के साथ-साथ मराठा छात्रों के लिए ओबीसी के बराबर स्कॉलरशिप और रखरखाव भत्ता देने का भी पूरा ध्यान रखा है।
उन्होंने कहा कि मराठा समुदाय के छात्रों के लिए स्कॉलरशिप, रखरखाव भत्ता और अन्य सुविधाओं के संबंध में सरकारी आदेश भी जारी किए गए हैं, जो ओबीसी समुदाय को मिलने वाली सुविधाओं के बराबर हैं।
मंत्री शेलार ने अपील की, “महायुति सरकार ने मराठा समुदाय के मुद्दों के प्रति सकारात्मक नजरिया अपनाया है। अब तक लिए गए फैसलों की पूरी जानकारी और रिपोर्ट उपलब्ध है। इसलिए, मराठा समुदाय को तथ्यों पर ध्यान देना चाहिए।”
उन्होंने जरांगे पाटिल के आंदोलन के दौरान सरकार के खिलाफ दिए गए बयानों पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा, “हर किसी को अपनी बात रखने और अपनी मांगों के लिए आंदोलन करने का अधिकार है। लेकिन, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल स्वीकार नहीं किया जा सकता। विचारों में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन लोगों का अपमान करने वाली भाषा का इस्तेमाल सही नहीं है।”
मंत्री शेलार ने मनोज जरांगे की सेहत को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा, “मनोज जरांगे पाटिल को अपनी सेहत का ध्यान रखना चाहिए। हमें भी उनकी सेहत की चिंता है। उन्हें अपनी मांगों पर सकारात्मक सोच के साथ बातचीत करनी चाहिए। हालांकि, गणेशोत्सव जैसे अहम त्योहार के दौरान उन्हें ऐसा कोई कदम नहीं उठाना चाहिए, जिससे मुंबई, पुणे या राज्य में कहीं भी नागरिकों और श्रद्धालुओं को परेशानी हो।”
