नई दिल्ली, 16 सितंबर (आईएएनएस)। भाजपा सांसद गुलाम अली खटाना ने यूपीआई शुल्क, ईपीएफ पर केंद्र सरकार के फैसले, मक्का के पास कथित ड्रोन हमले, भारत-पाकिस्तान नौसैनिक टकराव की खबर और समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लेकर विपक्षी दलों पर निशाना साधा। उन्होंने यूपीआई को लेकर कांग्रेस की ओर से जताई जा रही आशंकाओं को खारिज करते हुए कहा कि इससे गरीबों को नुकसान नहीं होगा।
गुलाम अली खटाना ने कहा कि यूपीआई ने डिजिटल भुगतान को आसान बनाया है। पहले ऐसी सुविधाओं के लिए एटीएम सहित अन्य माध्यमों पर अपेक्षाकृत अधिक खर्च आता था। साइबर अपराधों से सुरक्षा, लेनदेन की निगरानी और सेवाएं उपलब्ध कराने की लागत को देखते हुए बड़े लेनदेन पर मामूली शुल्क लगाए गए हैं। उन्होंने कांग्रेस पर यूपीआई को लेकर लोगों में भय पैदा करने का आरोप लगाया।
ईपीएफ से जुड़े मोदी सरकार के फैसले पर भाजपा सांसद ने कहा कि इससे करीब 51 लाख लोगों को लाभ मिलने की उम्मीद है। सरकार ने ईपीएफ की सीमा में संशोधन किया है, जो कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण कदम है। सरकार रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के साथ सेवानिवृत्त कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने पर भी ध्यान देती है।
मक्का के पास कथित ड्रोन हमले की खबर पर खटाना ने कहा कि पवित्र स्थल के आसपास इस तरह की कोई भी घटना निंदनीय है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने ऐसी खबर का खंडन किया है और कड़े शब्दों में इसकी निंदा की है।
भारत और पाकिस्तान की नौसेनाओं के बीच टकराव की खबर को लेकर उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच एक संधि है और ऐसी घटना को वे उसका गंभीर उल्लंघन मानते हैं। उन्होंने दावा किया कि भारत सरकार ने पाकिस्तान के शीर्ष राजनयिक को तलब कर इस मामले पर आपत्ति दर्ज कराई है।
यूसीसी पर उमर अब्दुल्ला की टिप्पणी के जवाब में खटाना ने कहा कि देश में पहले से भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) लागू है और चोरी, डकैती तथा हत्या जैसे अपराधों के लिए समान आपराधिक कानून लागू होता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और उमर अब्दुल्ला जैसे नेता यूसीसी को लेकर मुस्लिम समाज में भय पैदा कर रहे हैं। यूसीसी से मुसलमानों को किसी तरह का खतरा नहीं है।
