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टीएमसी मामले पर तेजस्वी यादव का तंज, भूख इतनी बढ़ गई है कि पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न लूटे जा रहे

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पटना, 18 सितंबर (आईएएनएस)। बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने चुनाव आयोग और भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि विधायकों और सांसदों को तोड़ने के बाद अब विपक्षी पार्टियों के चुनाव चिह्न भी छीने जा रहे हैं।

तेजस्वी यादव का यह बयान टीएमसी के नाम और उसके पारंपरिक चुनाव चिह्न ‘फूल और घास’ को चुनाव आयोग की ओर से आगामी उपचुनावों के लिए फ्रीज किए जाने के बाद सामने आया है।

तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि संविधान, लोकलाज और लोकतांत्रिक मूल्यों को तार-तार करते हुए भाजपा ने संवैधानिक संस्थाओं के अटूट सहयोग एवं समर्थन से सर्वप्रथम जनमत का चीरहरण करते हुए विपक्षी दलों के विधायक-सांसद तोड़े, फिर मुख्यमंत्री सहित सरकारें भी चुराईं। इनकी लोकतांत्रिक चोरी और डकैती की भूख इतनी बढ़ चुकी है कि अब विपक्षी पार्टियों के नाम, चुनाव चिह्न और बैंक खातों को भी लूट रहे हैं।

उन्होंने लिखा कि भाजपा के मार्गदर्शन तथा चुनाव आयोग के निर्देशन में शिवसेना, एनसीपी, एलजेपी के बाद टीएमसी के साथ भी वही किया गया। लोकतंत्र के रक्षक ही अब भक्षक की भूमिका में हैं।

लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने भी एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि पहले शिवसेना, फिर एनसीपी और अब तृणमूल कांग्रेस। हर बार एक ही पैटर्न, भाजपा और चुनाव आयोग मिलकर एक पार्टी को तोड़ते हैं। फिर उसका चुनाव चिह्न छीन लिया जाता है।

उन्होंने कहा कि जब पूरी की पूरी पार्टी चोरी हो सकती है तो करोड़ों भारतीयों के वोट चोरी होना भी हैरानी की बात नहीं। वोट चोरी। सरकार चोरी। अब पार्टी चोरी। ये हमारे लोकतांत्रिक पतन के प्रतीक बन गए हैं।

राहुल गांधी ने चुनाव आयोग की संवैधानिक जिम्मेदारी का उल्लेख करते हुए कहा कि ईसीआई की संवैधानिक जिम्मेदारी जनादेश की रक्षा करना है, मगर उल्टा वह उन ताकतों की मदद कर रहा है, जो जनता के फैसले को ही पलट देते हैं। यह लड़ाई सिर्फ ममता बनर्जी की नहीं है। यह हर राजनीतिक दल और हर मतदाता की लड़ाई है, जो स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव चाहता है।