नई दिल्ली, 18 सितंबर (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर जहां सभी राजनीतिक दल तैयारियों को तेज कर रहे हैं तो वहीं, समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस के बीच सीट शेयरिंग के फॉर्मूले को लेकर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा कि यह जल्द तय हो जाना चाहिए। इसमें देरी होने से नुकसान होता है। हालांकि, कांग्रेस सभी 403 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है।
नई दिल्ली में आईएएनएस से बातचीत में कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा कि हम लोग अपनी तैयारी कर रहे हैं और तैयारी में लगे हुए हैं। गठबंधन होगा तो भी, नहीं होगा तो भी, हम चुनाव लड़ेंगे। हम पूरी तैयारी कर रहे हैं। हमने तो कह दिया है कि आप देरी कर रहे हैं। इससे नुकसान हो रहा है, इससे कोई फायदा नहीं हो रहा है।
चुनाव आयोग द्वारा टीएमसी के चुनाव चिह्न को उपचुनाव के लिए फ्रीज किए जाने पर इमरान मसूद ने कहा कि लोकतंत्र के लिए यह बहुत घातक है। चुनाव आयोग एक खिलौना बन गया है और खिलौने की तरह इस्तेमाल हो रहा है। पहले शिवसेना, फिर एनसीपी और अब टीएमसी। इसका मतलब तो यह हुआ कि आप दलों को भी नहीं छोड़ेंगे और वोटों को भी चुराएंगे।
उन्होंने कहा कि लोगों तक चुनाव चिह्न पहुंचाने में वर्षों लगते हैं। आप चुनाव चिह्न फ्रीज कर देंगे। पार्टी संगठन से होती है, न कि केवल सांसदों और विधायकों से। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने जो किया है और किसके इशारे पर किया है, यह पूरी दुनिया जानती है।
केंद्रीय राज्य मंत्री जयंत चौधरी द्वारा सपा प्रमुख अखिलेश यादव को लेकर दिए गए बयान पर इमरान मसूद ने कहा कि अखिलेश यादव ने उन्हें राज्यसभा तो भेजा ही था, इसमें कोई दो राय नहीं है। मुझे तो उनके बयान में कोई मायने समझ में नहीं आए। जब आप बोल ही नहीं सकते या आप बोल ही नहीं पाते, तो उसके मायने क्या रह गए?
यूपीआई पर शुल्क लगाए जाने के मुद्दे पर इमरान मसूद ने कहा कि जिस दबाव में यह फैसला किया गया, उसे दुनिया ही नहीं, बल्कि पूरा देश समझता है।
संघ प्रमुख मोहन भागवत के एक कार्यक्रम का जिक्र करते हुए कांग्रेस सांसद ने कहा कि इस सरकार को अब जेनजी की ताकत का भी अंदाजा हो गया है।
