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सारा दिन बैठे-बैठे अकड़ जाती है पीठ? पाद-प्रसार पश्चिमोत्तानासन से मिलेगा आराम

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नई दिल्ली, 19 सितंबर (आईएएनएस)। आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में जहां घंटों बैठकर काम करते हैं, वहां हमारी हैमस्ट्रिंग, पीठ और कंधे सबसे ज्यादा अकड़ जाते हैं। ऐसे में ‘पाद-प्रसार पश्चिमोत्तानासन’ एक ऐसा अभ्यास है, जो न सिर्फ शरीर के लचीलेपन को बढ़ाता है बल्कि मन को शांत कर तनाव को दूर करने में भी बेहद मददगार है।

‘पाद-प्रसार पश्चिमोत्तानासन’ आगे की ओर झुकने वाला योगासन है, जो पश्चिमोत्तानासन के लाभों के अलावा पैरों के भीतरी भाग, कंधों के नीचे और बीच की मांसपेशियों को भी व्यापक खिंचाव प्रदान करता है। पाद प्रसार पश्चिमोत्तानासन नाम संस्कृत शब्दों ‘पाद’ (जिसका अर्थ है ‘पैर’), ‘प्रसार’ (जिसका अर्थ है ‘फैलाना’), ‘पश्चिम’ (जिसका अर्थ है ‘पश्चिम’ या ‘शरीर का पिछला भाग’), ‘उत्तान’ (जिसका अर्थ है ‘ऊपर उठाया हुआ’ या ‘विस्तारित’) और ‘आसन’ (जिसका अर्थ है ‘मुद्रा’) से लिया गया है।

आयुष मंत्रालय के अनुसार, ‘पाद-प्रसार पश्चिमोत्तानासन’ (या पाद प्रसार पश्चिमोत्तानासन) बैठकर किया जाने वाला एक महत्वपूर्ण योगासन है। यह सामान्य पश्चिमोत्तानासन (जिसमें पैर आपस में जुड़े होते हैं) का एक उन्नत रूप है, जिसमें पैरों को फैलाकर आगे की ओर झुका जाता है।

पाद-प्रसार पश्चिमोत्तानासन करते वक्त पैर फैलाकर आगे झुकते हैं तो जांघ के पीछे की हैमस्ट्रिंग मांसपेशियों पर सबसे ज्यादा खिंचाव आता है। रोजाना अभ्यास से इसकी टाइटनेस दूर होती है और पैरों में हल्कापन महसूस होता है।

पाद-प्रसार पश्चिमोत्तानासन करते वक्त दोनों पैरों को अपनी क्षमता के अनुसार चौड़ा करके आगे की ओर झुकाते हैं, तो इसका सीधा असर ग्रोइन और अंदरूनी जांघों पर पड़ता है।

दरअसल हमारी अंदरूनी जांघों में एडक्टर मांसपेशियों का एक समूह होता है, जो ग्रोइन से जुड़ा होता है। लगातार बैठे रहने, गलत पोस्चर या व्यायाम न करने से ये मांसपेशियां बहुत टाइट और छोटी हो जाती हैं। जिन लोगों को चलने, सीढ़ियां चढ़ने या जमीन पर बैठने में अंदरूनी जांघों में खिंचाव महसूस होता है, उनके लिए ये आसन बहुत फायदेमंद है। साथ ही यह उन लोगों के लिए भी अच्छा है जो रनिंग, साइकिलिंग या जिम करते हैं।

इस आसन को करने के दौरान शरीर को जबरदस्ती नीचे न झुकाएं, शुरुआत में जितना संभव हो उतना ही झुकें। यदि किसी भी व्यक्ति को स्लिप डिस्क, साइटिका या पीठ के निचले हिस्से में गंभीर दर्द हो, तो इस आसन को करने से बचें।