नई दिल्ली, 19 सितंबर (आईएएनएस)। आरएसएस प्रमुख डॉ. मोहन भागवत की ओर से धर्म को लेकर दिए गए बयान पर नेताओं की प्रतिक्रिया सामने आई है। पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री दिलीप घोष ने कहा, “वे हिंदू समाज के मुखिया हैं, यह बोलने का उनको अधिकार है। उनका सुझाव सब मानते हैं। धर्म के आधार पर हमारा समाज हजारों वर्ष से चलता आ रहा है। जो लोग भ्रमित हैं, उन्हें खुद को सुधार लेना चाहिए।”
बिहार सरकार में मंत्री रामकृपाल यादव ने कहा, “यह एक सच्चाई है। मोहन भागवत ने कहा है कि धर्म हमारे डीएनए में है और यह सच है। बिल्कुल। इस बात को कौन नहीं जानता? हर व्यक्ति, चाहे वह कोई भी हो, उसके डीएनए में धर्म होता है।”
समाजवादी पार्टी के नेता आशुतोष वर्मा ने कहा, “उन्होंने बिल्कुल सही कहा है। मैं समाजवादी पार्टी की ओर से कहना चाहता हूं कि राजनीति करना हमारा धर्म है, लेकिन हम धर्म की राजनीति नहीं करते हैं। इसलिए वे भी धर्म की राजनीति न करें।”
बीते दिन आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने उज्जैन में आयोजित युवा धर्म संसद को संबोधित करते हुए कहा था कि जीवन में सब कुछ बदलता रहता है, सुख-दुख आते-जाते रहते हैं, लेकिन हम नित्य हैं और हमारा धर्म नित्य है। उन्होंने कहा था कि धर्म हमारे डीएनए में है।
मोहन भागवत ने कहा था कि जब उन्होंने ‘युवा धर्म संसद’ के बारे में सुना तो उन्हें बहुत खुशी हुई, क्योंकि युवा धर्म के बारे में सोच रहे हैं। उन्होंने कहा कि आजकल ऐसा सुनने को कम ही मिलता है। जब भी धर्म की चर्चा होती है, लोग कहते हैं कि यह बुढ़ापे की चीज है। गीता और रामायण को रिटायरमेंट के बाद पढ़ने वाली किताबें माना जाता है, लेकिन ऐसा नहीं है।
उन्होंने कहा था कि यह धर्म कम से कम अस्तित्व की शुरुआत से लेकर अंत तक रहता है और सब कुछ उसी के अनुसार चलता है। आप इसमें विश्वास करें या न करें। कुछ चीजें नियमों से चलती हैं। सूरज है और आप इसके बारे में कुछ नहीं कर सकते। अगर आप इसमें विश्वास नहीं करते हैं तो यह आपकी मर्जी है लेकिन उसका उगना और डूबना निश्चित रूप से जारी रहेगा।
