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दक्षिण कोरिया चिकित्सा सामग्री भेजना चाहता है प्योंगयांग, ठप पड़ी बातचीत बड़ी बाधा

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सोल, 20 सितंबर (आईएएनएस)। उत्तर कोरिया मानवीय सहायता के तहत प्योंगयांग के एक अस्पताल को 1,400 से ज्यादा चिकित्सा उपकरण और अन्य जरूरी सामान भेजना चाहता है। वो तैयार है, लेकिन प्योंगयांग से बातचीत ठप है और ऐसे में मेडिकल सामान भेजना टेढ़ी खीर है। दक्षिण कोरिया के एकीकरण मंत्रालय ने इसके लिए 166 श्रेणियों में कुल 1,431 चिकित्सा वस्तुओं की सूची तैयार की है।

योनहाप न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, इन चिकित्सा सामग्रियों का इस्तेमाल मरीजों की जांच, सर्जरी और इलाज के लिए किया जाएगा। सूची में एक्स-रे मशीन, स्टेथोस्कोप और ब्लड प्रेशर मॉनिटर जैसे जांच उपकरणों के अलावा ऑपरेशन टेबल तथा सर्जरी और उपचार में इस्तेमाल होने वाले अन्य चिकित्सा उपकरण शामिल हैं। इनमें ऑटोमेटेड एक्सटर्नल डिफिब्रिलेटर यानी एईडी भी शामिल हैं।

दक्षिण कोरिया के एकीकरण मंत्रालय के अनुसार, इस सहायता पैकेज को कोरिया फाउंडेशन फॉर इंटरनेशनल हेल्थकेयर और चिकित्सा विशेषज्ञों के साथ सलाह-मशविरा करके तैयार किया गया है। इन उपकरणों की अनुमानित लागत करीब 6.75 मिलियन डॉलर है।

इस चिकित्सा सहायता को उत्तर कोरिया तक पहुंचाने के लिए मई में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की उत्तर कोरिया प्रतिबंध समिति से प्रतिबंधों में छूट भी मिल चुकी है। हालांकि, सहायता भेजने की प्रक्रिया अभी उत्तर कोरियाई पक्ष के साथ बातचीत पर निर्भर है और जरूरत के मुताबिक सामान की सूची में बदलाव भी किया जा सकता है।

यह पहल ऐसे समय में सामने आई है जब सोल और प्योंगयांग के बीच संबंधों में तनाव बना हुआ है और दोनों देशों के बीच संवाद तथा आदान-प्रदान के चैनल लगभग निष्क्रिय हैं। ऐसे में उत्तर कोरिया इस मानवीय सहायता को स्वीकार करेगा या नहीं, इसे लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है।

दक्षिण कोरिया में इस प्रस्ताव को लेकर कुछ सांसदों ने सुरक्षा संबंधी चिंताएं भी जताई हैं। उनका कहना है कि कुछ चिकित्सा उपकरणों का गलत इस्तेमाल हो सकता है या उन्हें अन्य उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। कुछ सांसदों ने आशंका जताई कि चिकित्सा उपकरणों का इस्तेमाल जैव-रासायनिक हथियारों के उत्पादन या हथियार प्रणालियों की जांच जैसे कामों में भी किया जा सकता है।

हालांकि, दक्षिण कोरिया के एकीकरण मंत्री चुंग डोंग-यंग ने इन चिंताओं का विरोध किया है। उन्होंने हाल में संसद में कहा था कि मानवीय चिकित्सा सहायता को उत्तर कोरिया की सैन्य नीति से नहीं जोड़ा जाना चाहिए। उन्होंने उत्तर कोरिया में चिकित्सा परिस्थितियों को गंभीर बताते हुए जरूरतमंद लोगों तक मानवीय सहायता पहुंचाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

यह सहायता प्योंगयांग के बाहरी इलाके में स्थित कांगडोंग काउंटी अस्पताल के लिए प्रस्तावित है। उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग-उन ने नवंबर 2025 में इस अस्पताल के पूरा होने के मौके पर आयोजित समारोह में हिस्सा लिया था।