शिमला, 21 सितंबर (आईएएनएस)। हिमाचल प्रदेश के नए मुख्यमंत्री कार्यालय के उद्घाटन के बाद सियासत तेज हो गई है। विपक्ष द्वारा फिजूलखर्ची के आरोपों पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि यह उनका निजी घर नहीं बल्कि मुख्यमंत्री कार्यालय है।
शिमला में पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा, “विपक्ष के पास कहने के लिए कुछ नहीं है। विपक्ष ने 1,000 करोड़ की इमारतें बनवाकर फिजूलखर्ची की है। मैंने तो सिर्फ मुख्यमंत्री का ऑफिस बनवाया है। अगर 15-20 साल बाद विपक्ष का कोई मुख्यमंत्री सत्ता में आता है, तो वह भी इसी ऑफिस में बैठेगा।”
सुक्खू ने कहा, “यह मेरा निजी घर नहीं है बल्कि यह ऑफिस संस्था का है। मुख्यमंत्री और कैबिनेट लोकतंत्र की संस्थाएं हैं, ठीक वैसे ही जैसे न्यायपालिका और कार्यपालिका हैं। कई बार ये कहा जाता था कि डीसी के कार्यालय आपके कार्यालय से भी अच्छे हैं। यह संस्थान का कार्यालय है। विपक्ष को ज्यादा जानकारी नहीं होती। विपक्ष किस राह पर चल रहा है, वह भगवान ही जाने।”
मुख्यमंत्री ने बताया कि नए मुख्यमंत्री कार्यालय का शुभारंभ हुआ है। उन्होंने उन सभी अधिकारियों और कर्मचारियों का आभार जताया, जिनकी वजह से निश्चित समय में और बहुत तेजी से कार्यालय का निर्माण पूरा हुआ।
सीएम ने कहा, “पुराने कार्यालय में पर्याप्त लोगों के बैठने की भी जगह नहीं थी। जब एक अधिकारी ने कहा कि यहां सभी बैठ भी नहीं सकते, तब नए कार्यालय के निर्माण के बारे में सोचा गया। नए भवन में सिर्फ मुख्यमंत्री कार्यालय ही नहीं बल्कि प्रिंसिपल सेक्रेटरी, एडिशनल प्राइवेट सेक्रेटरी और उनके स्टाफ का कार्यालय भी है। इसी भवन में विधायकों और आम जनता से मिलने के लिए भी अलग कार्यालय बनाया गया है। अन्य पदाधिकारियों के कार्यालय और 40 गाड़ियों की पार्किंग की भी व्यवस्था की गई है।”
सुक्खू ने कहा, “ये एक संस्थान का घर है, जहां मुख्यमंत्री आते हैं और अपनी बातों को रखते हैं। भविष्य के 50 सालों के लिए ये संस्थान बनाना बहुत जरूरी था।”
नए कार्यालय को लेकर दायर जनहित याचिका पर मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में जनहित याचिका दायर करना सभी का अधिकार है। लोग कोर्ट, अधिकारियों, मंत्रिमंडल के सदस्यों और मुख्यमंत्री के पास जाते हैं; यह उनका अधिकार है।
वहीं, मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर पूछे गए सवाल पर सुक्खू ने कहा कि मंत्रिमंडल का विस्तार जल्द होगा और इसमें कोई दो राय नहीं है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि विस्तार के साथ मंत्रियों के विभाग भी बदले जाएंगे।
