साना, 21 सितंबर (आईएएनएस)। हूती ने दावा किया है कि सऊदी अरब ने ताइज के हैफन जिले पर हवाई हमला किया है। हूती संचालित अल-मसीरा टेलीविजन रिपोर्ट के अनुसार, सऊदी-नेतृत्व वाले गठबंधन के विमानों ने ये कार्रवाई की।
ये हवाई हमले पश्चिमी यमन में जमीनी स्तर पर हूती विद्रोहियों के तेजी से आगे बढ़ने के बाद हुए हैं; इस दौरान समूह ने यमन के लाल सागर तट के बड़े हिस्से पर नियंत्रण कर लिया है और बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य से सटे इलाकों की ओर बढ़ रहा है।
संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि महीने की शुरुआत से यमन में जारी संघर्ष के कारण 1,25,000 लोग विस्थापित हुए हैं।
अल-मसीरा ने सरकारी सूत्र के हवाले से दावा किया है कि अल-जाहिर गांवों और हैदान के कुछ हिस्सों पर सऊदी हमला जारी है। उन्होंने बताया कि पिछले 12 घंटों में इन इलाकों पर 135 से ज्यादा मिसाइलें और गोले दागे गए हैं।
इसी तरह सीमावर्ती जिलों राजिह और शादा पर सऊदी तोपखाने से हमले की भी खबर है। वहीं यमन के हूती का कहना है कि रात भर सहर जिले पर भी गोलाबारी की गई। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, सादा प्रांत के कई इलाकों में सऊदी हमले बढ़ गए हैं और सीमावर्ती क्षेत्रों व गांवों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है।
हूती का आरोप है कि सऊदी अरब ने उनके नियंत्रण वाले इलाकों पर पिछले कुछ दिनों में सैकड़ों हवाई हमले (एयरस्ट्राइक) किए हैं, जिसमें वॉच टॉवर और दूरसंचार (टेलीकम्युनिकेशन) टावर तबाह हो गए हैं।
पिछले कुछ दिनों में हूती रियाद के खिलाफ अपनी मुहिम जारी रखी है। हूती इसे जवाबी कार्रवाई बताता रहा है। हूती विद्रोहियों ने पिछले दिनों सऊदी अरब की राजधानी स्थित किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास और यानबू स्थित अरामको की रिफाइनरी को बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन से निशाना बनाने का दावा किया।
तो सऊदी गठबंधन ने मिसाइल को हवा में ही इंटरसेप्ट कर नष्ट करने की पुष्टि की है। हूती इससे पहले यमन के मारिब प्रांत में सऊदी अरब के एक एफ-15 लड़ाकू विमान को मार गिराने का भी दावा करते हुए एक वीडियो जारी कर चुका है, हालांकि सऊदी ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की।
इस बीच यमन सरकार के जनरल का कहना है कि उनकी सेना ने ताइज के नजदीकी क्षेत्र पर फिर से कब्जा कर लिया है। एक मिलिट्री कमांडर के मुताबिक, यमन की सरकारी सेना ने ताइज शहर के पश्चिम और दक्षिण में कई अहम मोर्चों को हूती लड़ाकों से वापस छीन लिया है।
ताइज मिलिट्री फोर्स के चीफ ऑफ स्टाफ, मेजर-जनरल अब्दुलअजीज अल-मजीदी ने सरकारी समाचार एजेंसी ‘सबा’ को बताया कि सैनिकों ने जमीनी संघर्ष में हूती को मात दी और कथित तौर पर अहम शहर के बाहरी इलाकों में “कई जगहों को आजाद कराया”।
अल-मजीदी ने कहा कि इन झड़पों में हूती लड़ाकों को जान-माल और साजो-सामान का नुकसान उठाना पड़ा।
उनके मुताबिक सेना ने हूती सेना की उस कोशिश को नाकाम कर दिया, जिसका मकसद यमन के तीसरे सबसे बड़े शहर ताइज की घेराबंदी था। यह शहर 2015 से ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार और हूथियों के बीच बंटा हुआ है।
