SGSU Advertisement
Home राजनीति राहुल गांधी की ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम स्क्रिप्टेड, मां का मजाक उड़ाना...

राहुल गांधी की ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम स्क्रिप्टेड, मां का मजाक उड़ाना शर्मनाक: विश्वास सारंग

0
8

भोपाल, 21 सितंबर (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री विश्वास सारंग ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस पर जुबानी हमला किया। उन्होंने कार्यक्रम को कथित तौर पर कांग्रेस के पदाधिकारियों और एनएसयूआई से जुड़े लोगों का ‘स्क्रिप्टेड राजनीतिक स्टंट’ बताया। सारंग ने आरोप लगाया कि कार्यक्रम में छात्रों के बजाय कांग्रेस के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को छात्र के रूप में प्रस्तुत किया गया और पहले से तैयार सवालों के जरिए राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की गई।

विश्वास सारंग ने कहा कि कार्यक्रम का नाम ‘छात्रों की गूंज’ रखा गया था, लेकिन वहां छात्रों की आवाज नहीं बल्कि ‘झूठ की गूंज’ सुनाई दी। मीडिया रिपोर्टों से यह बात सामने आई कि राहुल गांधी के कार्यक्रम में कांग्रेस से जुड़े पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने छात्रों के तौर पर अपनी बात रखी। सारंग ने कहा कि कांग्रेस ने दावा किया था कि राहुल गांधी छात्रों से संवाद करेंगे, लेकिन कार्यक्रम में कांग्रेस के ऑफिस बियरर्स और पदाधिकारियों को ही मंच पर लाया गया। इस वजह से कार्यक्रम की गंभीरता पर सवाल खड़े हुए।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं को कथित तौर पर छात्रों का ‘मुखौटा’ पहनाकर मंच पर लाया गया और उनसे वही बातें कहलवाई गईं, जिन्हें कांग्रेस पहले से राजनीतिक तौर पर उठाती रही है।

मंत्री ने कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दिवंगत मां को लेकर की गई कथित टिप्पणी का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम गंभीर राजनीतिक संवाद के बजाय मिमिक्री और कॉमेडी शो में बदल गया। मां शब्द का सम्मान पूरी दुनिया में किया जाता है और किसी बुजुर्ग महिला का मजाक उड़ाना उचित नहीं है। उन्होंने कांग्रेस पर राजनीतिक लाभ के लिए महिलाओं और मां जैसे सम्मानजनक रिश्ते को विवाद में लाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यदि किसी कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों की समस्याओं को उठाना था तो उसमें शिक्षा, रोजगार और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर गंभीर चर्चा होनी चाहिए थी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर की गई विवादित टिप्पणी पर विश्वास सारंग ने कहा कि नरेंद्र मोदी केवल प्रधानमंत्री नहीं हैं, बल्कि देश की जनता के चुने हुए प्रतिनिधि हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को देश की जनता ने चुना है और किसी को भी उनके परिवार या मां का मजाक नहीं उड़ाना चाहिए। मां के नाम पर मजाक किया जाना उनके लिए शर्मनाक विषय है। राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन परिवार और विशेष रूप से मां को राजनीतिक बहस में घसीटना उचित नहीं है। राजनीतिक विरोध के बावजूद नेताओं को सार्वजनिक जीवन में मर्यादा बनाए रखनी चाहिए।

गरबा को लेकर चल रहे विवाद पर विश्वास सारंग ने कहा कि गरबा केवल मनोरंजन या एंटरटेनमेंट का कार्यक्रम नहीं है। गरबा जगत जननी मां की आराधना और पूजा से जुड़ा धार्मिक अनुष्ठान है। गरबा में मां की तस्वीर या मूर्ति को केंद्र में रखकर उसके आसपास नृत्य किया जाता है। इसका उद्देश्य देवी की आराधना करना और उनका आशीर्वाद प्राप्त करना है। जो लोग गरबा में शामिल होना चाहते हैं, उन्हें इस धार्मिक परंपरा और उसके स्वरूप का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर कोई केवल मनोरंजन के उद्देश्य से धार्मिक आयोजन में आता है तो आयोजकों को इस पर विचार करना चाहिए।

गरबा में मुस्लिम समुदाय की भागीदारी को लेकर विश्वास सारंग ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति हिंदू धार्मिक अनुष्ठान में शामिल होना चाहता है तो उसे उस परंपरा और धार्मिक आस्था का पालन करना चाहिए। उन्होंने इसी संदर्भ में मुस्लिम समुदाय के कुछ लोगों द्वारा वंदे मातरम् या मूर्ति पूजा को लेकर जताई जाने वाली आपत्तियों का उल्लेख किया। उन्होंने सवाल किया कि जो लोग मूर्ति पूजा को स्वीकार नहीं करते, वे मूर्ति या देवी की तस्वीर के आसपास होने वाले धार्मिक अनुष्ठान में क्यों शामिल होंगे। गरबा को धार्मिक आयोजन के रूप में समझा जाना चाहिए और इसमें शामिल होने वाले लोगों को इसकी धार्मिक प्रकृति का सम्मान करना चाहिए।