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वाईएसआरसीपी कार्यकर्ताओं पर हमले को लेकर जगन आंध्र प्रदेश के राज्यपाल से शिकायत करेंगे

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अमरावती, 22 सितंबर (आईएएनएस)। आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने विजयवाड़ा स्थित एसएएपी कार्यालय में प्रदर्शन कर रहे पार्टी नेताओं पर टीडीपी द्वारा कथित हमले की शिकायत करने के लिए राज्यपाल एस. अब्दुल नजीर से मिलने का फैसला किया है।

जगन मोहन रेड्डी बुधवार को राज्यपाल से मिलेंगे और एसएएपी कार्यालय के पास वाईएसआरसीपी नेताओं पर हुए हमले के संबंध में शिकायत दर्ज कराएंगे। वे डीएससी भर्ती में कथित अनियमितताओं की सीबीआई जांच की भी मांग करेंगे।

वाईएस जगन ने मंगलवार को पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक की और विजयवाड़ा स्थित आंध्र प्रदेश खेल प्राधिकरण (एसएएपी) कार्यालय में सोमवार को हुए प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा के बाद की स्थिति की समीक्षा की।

नेताओं ने कहा कि कुछ पुलिसकर्मियों ने मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू और शिक्षा मंत्री नारा लोकेश की योजना का समर्थन किया।

वाईएस जगन ने कहा कि पार्टी ने इस घटना को गंभीरता से लिया है और संवैधानिक और कानूनी सभी तरीकों से इस मामले को आगे बढ़ाएगी।

उन्होंने कहा कि चंद्रबाबू नायडू और लोकेश डीएससी घोटाले में बेनकाब हो चुके हैं और सीबीआई जांच की मांग का सामना करने में असमर्थ हैं। उन्होंने कहा कि जब भी वाईएसआरसीपी ने उनके भ्रष्टाचार और घोटालों को उजागर किया, तो उन्होंने उन पर हमले और धमकियों का सहारा लिया।

वाईएस जगन ने कहा कि वाईएसआरसीपी द्वारा आयोजित शांतिपूर्ण रैलियों ने एक बार फिर डीएससी घोटाले को जनता के ध्यान में ला दिया। इस मुद्दे से ध्यान भटकाने के लिए चंद्रबाबू और लोकेश ने अपने गुंडों को तैनात किया। यह कोई ‘युवागलम टीम’ नहीं है; यह एक ‘गुंडा समूह’ है जिसका इस्तेमाल सरकार के भ्रष्टाचार, घोटालों और अत्याचारों पर सवाल उठाने वाले हर जगह किया जा रहा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि एक शांतिपूर्ण कार्यक्रम के दौरान हिंसा भड़काने का सुनियोजित प्रयास किया गया। हमलावरों ने पुलिस से लाठियां छीन लीं और वाईएसआरसीपी कार्यकर्ताओं पर पत्थर फेंके। उन्होंने कहा कि चंद्रबाबू ने कुप्पम से हमले की योजना बनाई थी और कुप्पम की जनसभा में की गई धमकी भरी टिप्पणियां इस साजिश का सबूत हैं।

वाईएस जगन ने कहा कि राज्य भर में ऐसे समूहों को सरकार पर सवाल उठाने वाले किसी भी व्यक्ति पर हमला करने और उसे डराने-धमकाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने टिप्पणी की कि आंध्र प्रदेश को ‘जंगल राज’ से भी बदतर स्थिति में धकेल दिया गया है।

उन्होंने कहा कि घायल होने के बावजूद वाईएसआरसीपी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने काफी संयम बरता। हालांकि, हमलावरों के खिलाफ मामला दर्ज करने के बजाय पुलिस ने वाईएसआरसीपी सदस्यों के खिलाफ मामले दर्ज किए और कथित हमलावरों को बरी कर दिया।

जगन ने कहा कि यह उनका सर्वमान्य तरीका बन गया है। वे हमारे लोगों पर हमला करते हैं, पीड़ितों के खिलाफ मामले दर्ज करते हैं, और फिर पीली मीडिया का इस्तेमाल करके हमारे खिलाफ झूठा दुष्प्रचार फैलाते हैं। यही समूह पहले भी वाईएसआरसीपी पर कई हमलों में शामिल थे। पुलिस के सामने स्पष्ट सबूत हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई है।